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पीलीभीत में जंगल के रास्ते ही होती है तस्करी

पीलीभीत में जंगल के रास्ते ही होती है तस्करी

May 6, 2014

पीलीभीत के जंगल को वन्यजीव विहार घोषित किए जाने के बाद भी धड़ल्ले से लकड़ी लाने और वन मार्ग से हो रही पशु तस्करी पर विभागीय अधिकारी कर्मचारी रोक नहीं लगा सके हैं। प्रदेश सरकार द्वारा पीलीभीत के जंगल को करीब डेढ़ माह पूर्व ही वन्यजीव विहार का दर्जा दे दिया गया है। इसी के साथ आला अधिकारियों ने वन्यजीवों और वन सम्पदा की सुरक्षा के लिए वनों में आवाजाही रोकने के साथ ही पेट्रोलिंग के भी निर्देश दे रखे हैं लेकिन रोजाना बड़ी संख्या में लोग वन्य जीव विहार वाले प्रतिबंधित वन क्षेत्र से लकड़ी लाकर कमाई कर रहे हैं। यही नहीं पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से प्रतिबंधित पशुओं को भी जंगल मार्ग से निकाला जाता है जिससे वन विभाग की पेट्रोलिंग पर भी उंगलियां उठ रहीं हैं। बराही रेंजर वेदराम ने बताया कि वनों में आने पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। रात को आवाजाही बिल्कुल बंद रहेगी।

 

As posted in Jagran.com

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