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पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में बाघ खाल तस्करी की आरोपी महिला को भेजा जेल

पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में बाघ खाल तस्करी की आरोपी महिला को भेजा जेल

Mar 23, 2015

पीलीभीत : पीलीभीत टाइगर रिजर्व की बराही रेंज में बाघ हत्या मामले में एक महिला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। इस महिला पर बाघ खाल की डी¨लग करने का आरोप है। अभी मास्टर माइंड टाइगर रिजर्व प्रशासन की पकड़ से दूर है। नेपाल के कंचनपुर में गभिया सहराई निवासी दुलाल मंडल की गिरफ्तारी के बाद पीलीभीत टाइगर रिजर्व प्रशासन को अहम सुराग लगे थे। इन सुरागों के आधार पर डब्ल्यूसीसीबी, एसटीएफ के साथ वन विभाग की टीम ने छापामार अभियान चलाकर कई शिकारियों को जेल भेजने में सफलता हासिल की है। मगर शिकारियों ने वन विभाग के अफसरों के छक्के छुड़ा दिए। हर छापे में चकमा देकर शिकारी फरार होने में कामयाब रहे। फरार चल रहे शिकारियों की गतिविधियों पर छापामार टीम मानीट¨रग कर रही थी। गोपनीय जानकारी भी इकट्ठा की जा रही थी। वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो, यूपीएसटीएफ, एनटीसीए के साथ वन अफसरों ने टाइगर रिजर्व की बराही रेंज के अंतर्गत मैनाकोट में शनिवार की सुबह छापामार कार्रवाई की, जिसमें बातून बेगम को मौके से गिरफ्तार कर लिया। उस पर बाघ की खाल की डी¨लग करने का आरोप है। उसे पकड़ने के बाद कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बातून को जेल भेज दिया गया। उसके पति नौसे को 24 जनवरी को ही जेल रवाना किया जा चुका है। बाघ हड्डी प्रकरण में अभी भी कई शिकारी फरार चल रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए दबिशें दी जा ही हैं। बता दें कि शिकारी फरियाद को रिमांड पर लेने के बाद मिली जानकारी पर महिला को पकड़ने में कामयाबी मिल सकी है। महोफ रेंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी केपी ¨सह ने बताया कि आरोपी महिला को जेल भेज दिया गया है। अभी कई आरोपियों की गिरफ्तारी होनी बाकी है। इसके प्रयास किए जा रहे हैं।

-File Photo

 

दो महीने में पकड़े जा चुके हैं पंद्रह शिकारी

बाघ हत्या का मास्टर माइंड पकड़ से है दूर

 

दो महीने के अंतराल में बाघ हत्या मामले में पंद्रह शिकारियों को पकड़ कर जेल भेजा जा चुका हैं। इस मामले में मास्टर माइंड गिरफ्त से दूर है, जिसे पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं।

पीलीभीत टाइगर रिजर्व की बाघ गणना के रिजल्ट चौकाने वाले आए। गणना रिपोर्ट में पीलीभीत में सिर्फ 28 बाघ होने की पुष्टि हुई, जबकि पहले 40 से अधिक पाए गए थे। इस मामले को सपा विधायक हेमराज वर्मा ने मुख्यमंत्री के सामने भी पेश किया था। 17 जनवरी 2015 को नेपाल के कंचनपुर में दुलाल मंडल अपने एक साथी के साथ बाघ खाल, हड्डी बेचने की कोशिश में पकड़ा गया था। उसके बाद बाघ हत्या के बारे में परतें खुलनी शुरू हो गई। इन जानकारियों पर वन महकमा हैरत में पड़ गया, जबकि अधिकांश बाघ हत्या की घटनाएं बराही रेंज में करने की पुष्टि हुई है। डब्ल्यूसीसीबी, यूपीएसटीएफ, एनटीसीए के प्रयासों से कई शिकारियों को पकड़कर जेल भेजा गया, जिसमें नौसे शाह, असगर शाह, चिरौंजीलाल, रवींद्र कुमार, निताई गाईन, ओम प्रकाश उर्फ बाबा, गंगाराम, ओम प्रकाश, फरियाद, मुश्ताक, रिजवान, श्याम बिहारी आदि 15 आरोपी शामिल हैं। इन शिकारियों को जेल भेजने के बाद टाइगर रिजर्व प्रशासन ने राहत की सांस जरूर ली है। मगर उनकी ¨चता कम नहीं हुई है। बाघ हत्या मामले का मास्टर माइंड कन्हईलाल वन अफसरों की पकड़ से काफी दूर है। इसे पकड़ने की दिशा में गुपचुप प्रयास किए जा रहे हैं। देखना यह है कि मास्टर माइंड कब तक हिरासत में आ पाएगा।

 

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