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पीलीभीत में अब वन्यजीव नहीं रहेंगे प्यासे

पीलीभीत में अब वन्यजीव नहीं रहेंगे प्यासे

Apr 21, 2014

पीलीभीत: गर्मी में अब वन्य जीव प्यासे नहीं रहेंगे। इन जीवों की प्यास बुझाने के अब तीन वाटर होल बना दिए गए हैं। वहीं छह तालाब बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है। उसकी स्वीकृति आते ही तालाब बना दिए जाएंगे। दरअसल गर्मी के मौसम में अक्सर टाइगर और अन्य जानवर प्यास से व्याकुल होकर बाहर निकल कर आबादी की और रुख कर लेते हैं। आबादी में आने से मानव के साथ उनकी भी जान को खतरा हो जाता है। साथ ही कई बार हादसे भी होते रहे हैं। इस बार गर्मी के मौसम में जानवरों की प्यास जंगल में ही बुझाने के लिए विभाग ने अभी से तैयारी शुरु कर दी है।

हरीपुर रेंज में वन्यजीवों के लिए गजरौला, बहादुरपुर और मालिन कुईयां में वाटर होल बनाए गए हैं। जंगल किनारे और रेंज में बने तालाब भी जानवरों के लिए ठीक कराए जा रहे हैं। रेंज के जटपुरा, ढक्का, मालिन कुईयां के अलावा अन्य करीब छह जगह तालाब के लिए चिन्हित किए गए हैं। यहां पर सफाई का काम किया जाएगा। इन तालाबों में पानी भरा जाएगा। हरीपुर रेंजर जगन्नाथ प्रसाद ने बताया कि वाटरहोल और बनाए जाएंगे इसके अलावा तय किए गए तालाबों की समय से सफाई होने और पानी की व्यवस्था करने के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। बजट मंजूर होकर आ जाएगा तो काम शुरु कर दिया जाएगा।

अभी तक नहर में बुझाते हैं प्यास

अभी तक बाघ एवं जंगली जानवर जंगल के बीच से होने वाली नहरों में ही पानी पीने उतरते हैं। इनमें कई जीव अक्सर डूबकर मर जाते हैं। दो वर्ष पूर्व हरदोई ब्रांच नहर में एक बाघ का शव मिला था। इसके पानी में डूबकर मरने की बात कही गई थी। कुछ दिन पूर्व खीरी ब्रांच नहर में एक हिरन का शव तैरता देखा गया था।
As posted in Jagran.com

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