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उत्‍तराखंड में भी सुनाई देगी पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के बाघों की दहाड़

उत्‍तराखंड में भी सुनाई देगी पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के बाघों की दहाड़

Jan 29, 2015

पीलीभीत: उत्तराखंड अब वह दिन दूर नहीं, जब पीलीभीत टाइगर रिजर्व के बाघों की दहाड़ उत्तराखंड के जंगल तक सुनाई देगी। बाघों के स्वच्छंद विचरण के लिए बेहतर कारीडोर मिल जाएगा। इसके बाद बाघ के घूमने-फिरने की कोई हद तय नहीं होगी। पीलीभीत का जंगल 71288 हेक्टेयर एरिया में फैला हुआ है। नौ जून 2014 को उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे टाइगर रिजर्व घोषित किया। बाघों के स्वच्छंद विचरण के लिए कारीडोर जरूरी था इसलिए शाहजहांपुर के खुटार रेंज को बफर जोन में शामिल किया गया। चूंकि टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज व उत्तराखंड की सुरई रेंज आपस में सटी हुई है, इसलिए उत्तराखंड सरकार ने इसे बफर जोन बनाने की कवायद तेज कर दी।

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पिछले दिनों खटीमा उप वन प्रभाग के एसडीओ ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रभागीय वनाधिकारी से मुलाकात कर इस संबंध में बातचीत की। टाइगर रिजर्व प्रशासन ने एसडीओ को जानकारी उपलब्ध करा दी है। अगर सब कुछ ठीक-ठाक रहा, तो आने वाले दिनों में पीलीभीत टाइगर रिजर्व के बाघ उत्तराखंड की सुरई रेंज तक दहाड़ सकेंगे। सुरई रेंज को बफर जोन बनाने से बाघों को बड़ा कारीडोर मिल जाएगा। खटीमा (उत्तराखंड) के उप प्रभागीय वनाधिकारी आरके श्रीवास्तव का कहना है कि सुरई रेंज को बफर जोन बनाने का प्रस्ताव उत्तराखंड सरकार को भेज दिया गया है। अब प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय उत्तराखंड सरकार को लेना है।

 

 

As posted in Hindi.news18.com

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