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पीलीभीत टाइगर रिजर्व में दो चीतल के शव मिलने से मची खलबली

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में दो चीतल के शव मिलने से मची खलबली

Feb 26, 2015

पीलीभीत : पीलीभीत टाइगर रिजर्व में वन्य जीव सुरक्षित नहीं हैं। दो चीतलों की अलग-अलग स्थानों पर मौत हो गई। एक चीतल का आईवीआरआई बरेली में पोस्टमार्टम कराया गया, तो दूसरे को जंगल में दफना दिया गया। इन घटनाओं से अफसरों में खलबली मची हुई है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में रहने वाले बाघ की सुरक्षा के लिए वन कर्मचारियों की तैनाती है। इसके बावजूद वन्यजीव सुरक्षित नहीं हैं। नेपाल के कंचनपुर में पकड़े गए पीलीभीत टाइगर रिजर्व के माला रेंज में शिवनगर गांव के समीप नहर से एक चीतल का शव मिला। वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि किसी बाघ ने नर चीतल पर हमला बोल दिया। घायल अवस्था में चीतल ने नहर में छलांग लगा दी, जिससे उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर चीतल के शव को नहर से निकाल कर पोस्टमार्टम के लिए सदर पशु अस्पताल लाया गया, जहां पर डॉक्टर न होने की वजह से शव को आईवीआरआई बरेली भेजा गया। आईवीआरआई में चीतल का पोस्टमार्टम किया गया। दूसरी घटना माला रेंज के ही संडई रेलवे हाल्ट के जमुनियाई पुल के पास नहर में मादा चीतल का शव उतराता मिला। इस पर वन कर्मियों ने मादा चीतल का शव नहर से निकाल कर सूचना दी। मौके पर रेंजर ने पहुंचकर चीतल का पंचनामा भरकर अंतिम संस्कार करा दिया। इस चीतल के शव का पोस्टमार्टम तक नही कराया गया। वन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि इस चीतल के शरीर पर कहीं चोट के निशान नहीं थे, इसलिए पोस्टमार्टम नहीं कराया गया।

सामाजिक वानिकी प्रभाग पूरनपुर के रेंजर हसीन अहमद के मुताबिक आईवीआरआई में चीतल के शव का पोस्टमार्टम करा दिया गया है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही मृत्यु का कारण पता चल सकेगा। चीतल के गर्दन पर बाघ हमले के निशान थे। सींग भी टूटे थे। वहीं पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में माला रेंजर डी के सिंह का कहना है कि संडई नहर में मादा चीतल का शव उतराता मिला है। शव निकालने के बाद परीक्षण किया गया। शरीर पर किसी भी प्रकार के जख्म नहीं मिले हैं। शव पर निशान न मिलने की वजह से पोस्टमार्टम नहीं कराया गया। इस कारण शव का दाह संस्कार करा दिया गया।

 

As posted in Jagran.com

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