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सावधान! जंगल में बाघ कर रहे हैं मिलन

सावधान! जंगल में बाघ कर रहे हैं मिलन

Jan 18, 2014

सर्दियों का दिसंबर से मार्च महीना बाघों के प्रजनन के लिए बहुत अनुकूल होता है। बाघ इस समय ‌मिलन करते हैं। इस दौरान यह जीव बहुत ही संवेदनशील हो जाता है। एकांत पसंद करता है। इससे दूर ही रहना हितकर होता है। यह जानकारी कार्बेट टाइगर रिजर्व के एसीएफ केएस रावत ने दी।

नहीं पसन्द करते दखलंदाजी
उन्होंने बताया कि इन दिनों बाघों का प्रजननकाल चल रहा है। इस समय बाघ-बाघिन जोड़े में रहना पसंद करते हैं। उनका प्राकृतिक वास स्थल घने जंगलो में वनस्पति से ढका हुआ होता है। भूलकर भी उनके इलाके में जाना सीधे मौत को दावत देना हो सकता है। बाघ और बाघिन अपने उन्माद पर होते हैं। उनका यह काल दिसंबर से मार्च तक चलता है, जिससे उनके व्यवहार में भी परिवर्तन आ जाता है। जरा सी आहट होने पर उसे क्रोध भी आ जाता है। ऐसे में मादा बाघ अपने बच्चों से भी दूर ही रहती है।

कालागढ़ में कई जोड़े
कार्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ रेंज में अनेक बाघों के पदचिह्न एक साथ मिलना इस बात की पुष्टि करते हैं। केंद्रीय कालोनी के पीछे से टैंक स्रोत, सूखा स्रोत, मैग्जीन स्रोत, चौड़ा स्रोत में इन दिनों बाघ के कई जोड़ों की चहलकदमी चल रही है। अधिकारियों के अनुसार यूपी की आदमखोर बाघिन की तलाश में चले अभियान के तहत यह चिह्न देखने को मिले हैं।

वासस्थल बहुत ही पंसद का स्थान
कार्बेट टाइगर रिजर्व में बैंबू स्रोत में बना बाघ का वासस्थल दिखाते हुए कार्बेट टाइगर रिजर्व के एसीएफ/उप प्रभागीय वनाधिकारी केएस रावत ने बताया कि यह बाघ को बहुत ही प्रिय होता है। इसके आसपास शाही वनस्पति, पानी के स्रोत, घास आदि बहुतायत में हैं। यदि कोई उसे नष्ट करे तो वह उसकी जान तक ले लेगा। इसके नजदीक नहीं आना चाहिए।

Two_Tigers

बहुत समझदार जीव
उनका कहना है कि बाघ बहुत समझदार जीव है, यदि उसे पता लग जाए कि कोई इंसान उसके वासस्थल का पता लगा चुका है तो वह वहां से दूर चला जाता है।
कार्बेट रिजर्व के जंगलों में रॉयल बंगाल जाति के बाघ पाए जाते हैं। 1973 में प्रोजेक्ट टाइगर की स्थापना के समय तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने कालागढ़ में आकर बाघ की इस प्रजाति के बच्चों को छोड़ा था, जो कार्बेट लैंडस्केप में अब लगभग 214 हो गए हैं।

As posted in amarujala.com

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One comment

  1. abhinav ranjan srivastava. /

    Dear sir, I love tiger, lepord and more big cats. My qualification is MSC =ENVIRONMENT SCIENCE.
    Mujhe wild life se bahut jyada pyaar hai kya mere liye koi job ho jaise NGO WWF etc.

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