Roar for Tigers

दो लोगों पर बाघ-बाघिन ने किया हमला

दो लोगों पर बाघ-बाघिन ने किया हमला

Feb 25, 2014

पीलीभीत : मेरठ में बाघ के आतंक जैसी ही घटना ने आज तराई में सनसनी फैला दी। माधोटांडा और न्यूरिया में आतंक मचाने के बाद बाघ ने अब शहर से सटे दहगला और सिमरिया अनूप में सनसनी फैला दी। खेत पर लाही काटने गए एक किसान को बाघिन और उसके शावक ने दौड़ा लिया तो वहीं पूरनपुर में एक महिला पर हमला कर दिया। सिमरिया में एक फार्मर के घर के बराबर से बाघिन और उसका शावक गुजरा तो अफरातफरी मच गई। बाघिन और शावक के आने से ग्रामीणों में दहशत है। ग्रामीणों ने खेत की ओर अकेले जाना बंद कर दिया है। सूचना पर वन विभाग की टीम भी पहुंच गई। बाघिन और उसके शावक के पंजों के आधार पर टीम ने काफी दूर तक पीछा भी किया। ग्रामीणों में वन विभाग की लापरवाही को लेकर रोष व्याप्त है। शहर में खकरा नदी से सटे गांव दहगला में बीती रात बाघिन और उसका एक शावक खेतों की ओर से होते हुए सड़क पर आ गए। सड़क किनारे पेट्रोल पंप के समीप बने मनोहर सिंह के घर के बराबर से बाघिन और शावक बड़े आराम से निकल गए। मनोहर सिंह की नजर जैसे ही बाघिन और शावक पर पड़ी। वे घबरा गए। पड़ोस के ही गांव सिमरिया अनूप में रामचरन खेत पर लाही काटने गया था। तभी अचानक गन्ने के खेत में से बाघिन और उसका शावक निकलकर रामचरन के पीछे दौड़ पड़ा। घबराया रामचरन ने दौड़ लगा कर जान बचाई। इसके बाद ग्रामीण एकत्र हो गए। तब बाघ खेत में जाकर घुस गया। ग्रामीणों ने बाघ आने की सूचना एसडीएम सदर, सुनगढ़ी पुलिस और सामाजिक वानिकी के अधिकारियों को दी। सूचना पर सामाजिक वानिकी टीम और सुनगढ़ी पुलिस भी दोनों गांव में पहुंच गई। सामाजिक वानिकी के डीएफओ रामेश्वर राय के मुताबिक टीम मौके पर जाकर जांच पड़ताल कर रही है।

महिला पर बाघ ने किया हमला

पूरनपुर में बंदरों से गेंहू की हिफाजत कर रही एक महिला पर जंगल से निकले बाघ ने हमला कर दिया। महिला की चीख-पुकार पर आसपास के ग्रामीणों ने शोरगुल किया तो बाघ उल्टे पांव लौटा। घायल महिला को सीएचसी में भर्ती कराया गया है। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम ढक्काचांट की मंगल कालोनी निवासी प्रशांत साना की पत्‍‌नी मेनका सोमवार को गांव की ही सरस्वती के साथ जंगल किनारे खेत पर गई थी। मेनका अपने गेहूं को बंदरों से सुरक्षित कर रही थी। जब वह जंगल किनारे पहुंची तभी सामने आए बाघ ने उसपर झपट्टा मार दिया। बाघ ने जैसे ही उसे दबोचा वह चीखने लगी। चीख पर उसके साथ की महिला सरस्वती ने जब बाघ को देखा तो पहले होश उड़ गए फिर उसने भी शोर करना शुरु कर दिया। आवाज लगाने पर गांव से तमाम लोग पहुंच गए। ग्रामीणों के समूह को देखकर बाघ जंगल की ओर चला गया।

दूर होता खेत तो नहीं बचती जान

जहां बाघ ने हमला किया है। खेत गांव के पास में ही था। घायल महिला की साथी सरस्वती ने बताया कि जब बाघ ने हमला बोला तो शोर मचाने पर गांव से कई लोग बाइक से आ गए। खेत यदि गांव से दूर होता तो बाघ मेनका को नहीं छोड़ता और ग्रामीण भी बचाने नहीं आ पाते।

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