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बाघिन को और खूंखार बना सकती है मामूली चूक

बाघिन को और खूंखार बना सकती है मामूली चूक

Feb 14, 2014

वन विभाग या शूटरों की जरा सी चूक बाघिन को और खूंखार बना सकती है। नियुक्त किए गए शूटरों को आदमखोर बाघ या बाघिन को मारने का अनुभव नहीं है। यदि बाघिन शूटरों के हमले में किसी तरह बच गई तो फिर उसे मार पाना प्रशिक्षित शूटरों के वश में भी नहीं होगा। 10 लोगों को निवाला बना चुकी बाघिन को उत्तर प्रदेश की सीमा में मारने की अनुमति है। इसके लिए शूटर संजय सिंह एवं सादबिन आसिफ को नियुक्त किया गया है। बताया जाता है कि दोनों शूटरों को आदमखोर बाघ या बाघिन मारने का अनुभव नहीं है। संजय सिंह ने कई आदमखोर गुलदारों को तो मारा है, लेकिन बाघ को उन्होंने कभी नहीं मारा। वन्य जीव विशेषज्ञों का मानना है कि आदमखोर बाघिन को प्रशिक्षित शूटर ही मार सकते हैं। यदि बाघिन पर किए गए हमले में वह किसी कारणवश बच जाती है तो और भी खूंखार हो जाएगी। कई आदमखोर बाघों को मार चुके हैदराबाद के शूटर नवाब शफाहत अली खां ने बताया कि बाघिन को यदि एक बार यह अनुभव हो गया कि उसे कोई मारना चाहता है तो वह चौकन्नी हो जाएगी। फिर कोई प्रशिक्षित शूटर भी उसे नहीं मार पाएगा। उनका कहना है कि वन विभाग बाघिन के मामले में जानबूझकर ढिलाई बरत रहा है। प्रशिक्षित शूटर के बिना बाघिन को नहीं मारा जा सकता।

देर शाम तक हो रही बाघिन की तलाश

बढ़ापुर वन रेंज में शूटर देर शाम तक बाघिन की तलाश कर रहे हैं। पहले वन विभाग ने दिन में ही बाघिन को मारने की अनुमति दी थी, लेकिन बाद में इस आपरेशन की अवधि रात नौ बजे तक बढ़ा दी गई है। इसलिए शूटर रात नौ बजे तक बाघिन को मारने के लिए जंगल में घूमते रहते हैं।

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