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आदमखोर मारने के बाद ही लौटेंगे ‘निशानची नवाब’

आदमखोर मारने के बाद ही लौटेंगे ‘निशानची नवाब’

Jan 11, 2014

पांच आदमखोर बाघों को ढेर कर चुके हैदराबाद के नवाब शफत अली खान अगले हफ्ते ही मुरादाबाद-बिजनौर आदमखोर बाघ ऑपरेशन में शामिल होंगे। तमिलनाडु कुधाचोपाई ऊटी में एक और आदमखोर बाघिन के ऑपरेशन में लगे नवाब ने खुद इसकी पुष्टि की है। यह दूसरा मौका होगा जब उन्हें प्रदेश के वन विभाग ने किसी आदमखोर बाघ को मार गिराने के बुलाया है। इससे पहले वे वर्ष 2009 में फैजाबाद के कुमारगंज में आदमखोर बाघ को मार चुके हैं। अमर उजाला से शुक्रवार को फोन पर हुई बातचीत में नवाब शफत अली खान ने बताया कि उन्हें यूपी सरकार के चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डेन ने मुरादाबाद के आदमखोर बाघ को मार गिराने के लिये कहा है। बताया कि ऊटी में आदमखोर टाइगर को मार गिराने के बाद ही वे अपने अगले पड़ाव के लिये मूव करेंगे। उम्मीद है कि सोमवार या मंगलवार को वे फ्लाइट से दिल्ली होते हुये मुरादाबाद पहुंचेंगे। इससे पहले प्रदेश के वन विभाग ने नवाब शफत को फरवरी 2012 में रहमानखेड़ा में आए बाघ को मारने के लिए बुलाया था तब बाघ संरक्षण के लिये काम करने वाली संस्थाओं की अपत्तियों के बाद उन्हें वापस जाना पड़ा था। क्योंकि बाघ आदमखोर नहीं था। लखनऊ में 111 दिन बिताने वाले बाघ ने तब 20 मवेशियों के शिकार किये, लेकिन एक भी ह्यूमन अटैक नहीं हुआ था।

अब तक पांच बाघों को मारा

हैदराबाद निवासी नवाब शफत अली खान ने पिछली बार 24 फरवरी 2009 को पीलीभीत से भटकर लगभग 300 किमी. दूर पहुंची आदमखोर बाघिन को मार गिराया था। उस वक्त नवाब ने अपनी 0.458 का विनचेस्टर मैग्नम राइफल से बाघ को तीन गोलियां मारी थी। हालांकि सूत्र बताते हैं कि तीसरी गोली को मारने के साथ ही वे ऊपर से नीचे भी गिर गये थे। जानकारों के मुताबिक नवाब साहब ने अब तक पांच बाघों का शिकार किया है। जिसमें से फैजाबाद का आदमखोर बाघ उनका आखिरी शिकार है। इसके बाद से वे 4 आदमखोर तेंदुए भी मार चुके हैं। जिनमें से तीन तो बीते साल ही उन्होंने मारे। कई जंगली हिंसक बुल मारने के अलावा नवाब साहब ने असम और कर्नाटक में कई भड़के हुये हाथियों को भी ढेर किया है।पूर्व राष्ट्रीय चैंपियन रह चुके नवाब साहब ने अब तक शूटिंग प्रतियोगिताओं में लगभग सौ पदक भी जीते हैं। निशानेबाजी और घुड़सवारी के शौकीन नवाब को शासन-प्रशासन के निर्देश पर बुलाया जाता है। जहां जंगली हिंसक जानवर मानव जान के लिये मुश्किल कर दें।

As posted in amarujala.com

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