Roar for Tigers

कुनबा बढ़ने के जश्न में ‘दहाड़’ रहे यहां टाइगर

कुनबा बढ़ने के जश्न में ‘दहाड़’ रहे यहां टाइगर

Feb 26, 2014

एक तरफ तो यूपी के बिजनौर, मेरठ और लखीमपुर में बाघ की दहाड़ से आम जन ही नहीं सेना तक हलकान है तो वहीं तराई में बाघ कुनबा बढ़ा कर ‘जश्न’ की दहाड़ लगा रहे हैं। नए बाघों की संख्या के बारे में सटीक जानकारी जुटा कर डब्ल्यूडल्ब्यूएफ रिपोर्ट भेजने की तैयारी में है। तराई में बाघों के नए शावकों के मिलने से विश्व स्तरीय ‘सेव टाइगर’ मुहिम को मुस्कुराने का मौका मिला है। पीलीभीत का जंगल यूं तो टाइगर रिजर्व बनाए जाने की पाइप लाइन में है। पर अब तक नई दिल्ली में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण से मंजूरी और आवश्यक धन नहीं मिला है। इधर बाघों की संख्या को और अधिक बढ़ाने के लिए विश्व स्तर से प्रयास चल रहे है। इसी सिलसिले में सेव टाइगर मुहिम भी विश्व स्तर पर चलाई जा रही है। इन दिनों भले ही यूपी के बिजनौर, मुरादाबाद, मेरठ और लखीमपुर में बाघ की दहाड़ से लोग कांप रहे हों पर पचास से अधिक संख्या वाले पीलीभीत के जंगलों में जश्न मनाया जा रहा है। यह जश्न पब्लिक नहीं बल्कि खुद टाइगर मना रहे हैं। दरअसल मंगलवार को माला कालोनी में तीन बाघ के शावक देखे गए हैं। जंगल के निवासियों के मुताबिक शावक नए हैं और संभव है कि आसपास ही मादा तेंदुआ होगी। माना जा रहा है कि शहर से सटे सिमरिया अनूप और पूरनपुर के अलावा आज अमरिया थाना क्षेत्र में बाघों की दहाड़ से कुनबा बढ़ने का जश्न महसूस किया। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के परियोजना अधिकारी नरेश कुमार के मुताबिक ये जानकारी सही है और यह शावक नए लग रहे हैं। इन शावकों को दांव पेंच सिखाने के लिए मादा भी आसपास ही होगी। यह नए शावक हैं तो सेव टाइगर मुहिम के लिए खास पल हैं।

As posted in Jagran.com

 

468 ad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *