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पीलीभीत टाइगर रिजर्व में होगी बाघों की गणना

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में होगी बाघों की गणना

Dec 31, 2013

उत्तर प्रदेश के प्रस्तावित पीलीभीत टाइगर रिजर्व के बाघों की गणना की तैयारी आरंभ हो गई है। इसके लिए विश्व प्रकृति निधि इस बार पूरे वन प्रभाग में कैमरे लगाएगी। इन दिनों एक टीम जंगल में उन स्थानों का सव्रे कर रही हैं। इस बार पांचों वन क्षेत्र के अलावा कोरीडोर के इलाके में भी कैमरे लगाएगा, जिससे यह पता लग सके कि इन इलाकों से कितने बाघों का आगमन हुआ है अथवा वे जंगल से बाहर के इलाके में चले गए हैं। पीलीभीत देश का इकलौता आरक्षित वन क्षेत्र है जहां चालीस से अधिक बाघ पाएं गए हैं। पिछली गणना में यहां 42 बाघ और 6 तेंदुआ पाए गए हैं। इसी आधार पर केंद्र सरकार ने पीलीभीत के वन क्षेत्र को पीलीभीत टाइगर रिजर्व के लिए सैद्धांतिक सहमति प्रदान की थी। पिछले दिनों राज्य सरकार ने भी पीलीभीत टाइगर रिजर्व के लिए अपनी स्वीकति प्रदान कर दी। पीलीभीत के जंगल में केवल हाथी और गैंडो को छोडकर सभी प्रजाति के वन्यजीव मिलते हैं। पीलीभीत के जंगल को एशिया के सर्वश्रेष्ठ साल के जंगलों में शुमार किया जाता है। इस जंगल में हाल के दिनों में दो बाघों की मौत हो चुकी है, इनमें एक की हत्या शिकारियों ने की थी, जबकि दूसरे की मौत बीमारी के चलते हुई थी। इसलिए प्रदेश सरकार ने जंगल में बाघों की गणना की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए डब्ल्यूडब्ल्यूएफ ने कैमरे लगाने के लिए सर्वे आरंभ कर दिया। पीलीभीत में जनवरी में बाघों की गणना की तैयारी के लिए उन स्थानों पर विशेषकर जहां कोर एरिया में बाघों की साइटिंग हो चुकी है।

As posted in Jagran.com

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