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पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में नहीं थम रहा बाघों का शिकार

पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में नहीं थम रहा बाघों का शिकार

Mar 20, 2015

पीलीभीत : वन विभाग लाख दावा करे कि टाइगर रिजर्व पार्क में बाघों का शिकार नहीं हो रहा है। मगर सोमवार को बराही रेंज से बाघ की हड्डी के साथ पकड़े गए आरोपी ने उनके इस दावे की हवा निकाल दी है। पुलिस ने मैनाकोट निवासी श्याम बिहारी को पकड़कर जेल भेज दिया है। पुलिस अब तक 12 शिकारियों को जेल भेजा जा चुकी है। 17 जनवरी को नेपाल की कंचनपुर पुलिस ने बाघ की हड्डी और मांस के साथ थाना क्षेत्र के ग्राम गभिया निवासी दुलाल मंडल और संपूर्णानगर निवासी अनुज पांडेय को पकड़ा था। खुलासा हुआ कि टाइगर रिजर्व में ही बाघ का शिकार किया गया था। जानकारी होने पर टाइगर रिजर्व के अधिकारी इसकी जांच पड़ताल में जुट गए तथा संलिप्तता में अन्य शिकारियों को भी शामिल किया गया। एसटीएफ, एनसीटीए, डब्ल्यूसीसीवी सहित आला अधिकारियों ने पूछताछ के बाद सबसे पहले नौसे और उसके बताने पर अन्य 11 शिकारियों को पकड़ा। जिले का तराई इलाका शिकारियों का गढ़ बन चुका है। अधिकारियों की माने तो अभी बाघ के शिकार के मामले में जांच की जा रही है और अन्य नाम भी प्रकाश में आए हैं। सक्रिय गैंग कितने हैं इसको लेकर अधिकारियों ने चुप्पी साध रखी है।

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-File Photo

 

अब तक इतने शिकारी गए जेल

अफसरों ने पहले नौसे व असगर निवासी मैनाकोट को जेल भेजा था। इसके बाद चिरौंजीलाल उसका पुत्र रविन्द्र निवासी गुलाबटाण्डा, पताबोझी निवासी ओमप्रकाश उर्फ बाबा, गंगाराम और निताई गाइन, गंगाराम, ओमप्रकाश को जेल भेजा था। टीम ने इसमें राकेश सहित दो को फरार घोषित किया था। मुस्ताक, फरियाद व रिजवान उर्फ बंगाली ने कोर्ट में सरेंडर किया था।

अभी भी चार हैं फरार

माधोटांडा: वन विभाग ने पूछताछ के बाद माना है कि अभी चार शिकारी और बाघों की मौत में शामिल थे। इनमें रामकिशन, नेतराम निवासी मैनाकोट एवं गभिया के गौतम मजूमदार व गोपाल फरार हैं। इनकी तलाश वनाधिकारी कर रहे हैं।

 

 

As posted in Jagran.com

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