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भारत में बाघों की गलत गिनती हुई?

भारत में बाघों की गलत गिनती हुई?

Feb 24, 2015

भारत में टाइगर्स की संख्या बढ़ने का जश्न झूठा साबित हो सकता है। ब्रिटेन की एक वैज्ञानिक टीम ने दावा किया है कि भारत में बाघों की गिनती का जो तरीका अपनाया जा रहा है, वह गलत है और उससे गलत नतीजे मिलते हैं। हाल ही में खबर आई थी कि भारत में चार साल पहले के मुकाबले बाघों की संख्या में 30 फीसदी की भारी बढ़ोतरी हुई है। इस खबर के मुताबिक 2010 में भारत में सिर्फ 1706 बाघ थे जबकि 2014 में इनकी संख्या बढ़कर 2226 पहुंच गई। गणना के लिए भारत ने इंडेक्श कैलिब्रेशन मॉडल नाम की तकनीक का इस्तेमाल किया था। जानवरों को देखे न जा सकने की स्थिति में इस तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें कैमरा-ट्रैप और रेडियो कॉलर्स आदि के जरिए जानवरों की गणना की जाती है। लेकिन ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी, इंडियन स्टैटिस्टिकल इंस्टिट्यूट और वाइल्डलाइफ कन्जर्वेशन सोसाइटी ने गणना की इस तकनीक में भारी कमियां उजागर करते हुए दावा किया है कि इस तकनीक से काफी गलत नतीजे आते हैं। विशेषज्ञों की टीम ने जब गणना की इस तकनीक को परखा तो पता चला कि इसके नतीजे काफी हद तक गलत हो सकते हैं।

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स्टडी के लीड ऑथर अर्जुन गोपालास्वामी बताते हैं, ‘हमारी स्टडी बताती है कि इंडेक्स-कैलिब्रेशन मॉडल में इतनी दिक्कतें हैं कि गणना में 10 फीसदी की अनिश्चितता से भी नतीजों से बहुत बड़ा समझौता करना पड़ सकता है। भारत के टाइगर सर्वे के डेटा की जांच-परख से यह साबित हुआ है कि कैलिब्रेशन तकनीक गलत नतीजे देती है।’

 

 

Navbharattimes.indiatimes.com

 

 

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