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पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में बाघों की गणना का काम शुरू

पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में बाघों की गणना का काम शुरू

Apr 14, 2015

पीलीभीत : पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल में लेजर कैमरों के माध्यम से बाघों की गणना का काम शुरू हो गया है। पहले चरण में हरीपुर व बराही रेंज में बाघ गणना कराई जा रही है। इसके बाद अन्य तीन रेंज को लिया जाएगा। इस काम को डब्ल्यूडब्ल्यूएफ अंजाम दे रहा है। बीते साल देशभर में बाघों की संख्या में एकदम इजाफा हुआ। वहीं पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल में बाघों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई। वर्ष 2013 की गणना के मुताबिक जंगल में करीब 30 बाघ पाए गए, जबकि 2011 में 40प्लस संख्या थी। इस दौरान शिकारियों ने कई बाघों को अपना निवाला बना लिया। बाघों की घटती संख्या का मामला मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा था। इस मामले में जांच कराने का आश्वासन दिया गया था। अब टाइगर रिजर्व जंगल की बराही व हरीपुर रेंज में लेजर कैमरा लगाकर बाघ गणना का कार्य शुरू कर दिया गया।

-File Photo

 

दोनों रेंज में काफी संख्या में लेजर कैमरे लगाए गए हैं, जो दिन-रात बाघ की तस्वीरें कैद कर रहे हैं। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ अफसरों के मुताबिक, एक रेंज में करीब 20 दिनों तक गणना का कार्य किया जाएगा। इस दौरान जंगल में लगे कैमरा भी देखे जाएंगे कि वह काम कर रहे हैं कि नहीं। दोनों रेंज में गणना काम पूरा होने के बाद अन्य रेंज में किया जाएगा। प्रभाग य वनाधिकारी कैलाश प्रकाश का कहना है कि बराही व हरीपुर में बाघ गणना कार्य शुरू करा दिया है। इस संबंध में फील्ड स्टाफ को दिशा निर्देश जारी किए जा चुके हैं।

अपने आप कैमरे की पड़ती है फ्लैश

जंगल के बाघ बाहुल्य क्षेत्र में लेजर कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे स्वत: ही बाघ की फोटो खींचते हैं। बाघ विशेषज्ञों के मुताबिक, एक प्वाइंट पर दो लेजर कैमरे अलग अलग दिशाओं में लगाए जाते हैं। जिस दिशा से बाघ गुजरता है। उसकी गर्मी से कैमरे की फ्लैश चलती है। इस तरह बाघ की तस्वीर कैमरे में कैद हो जाती है।

 

 

As posted in Jagran.com

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