Roar for Tigers

फार्म हाउस में घुसे बाघ ने बछड़े पर किया हमला, मौत

फार्म हाउस में घुसे बाघ ने बछड़े पर किया हमला, मौत

Jul 28, 2015

पीलीभीत। जंगल से सटे इलाकों में जीवन यापन कर रहे ग्रामीणों के लिए एक बार टाइगर मुसीबत बना। जंगल से बाहर निकलकर एक टाइगर हमलावार हो गया। फार्म हाउस पर बंधे पशु को निवाला बनाने के लिए हमला कर दिया, कामयाब नहीं हो सका। फार्म हाउस पर मौजूद लोगों की नजर बाघ पर पड़ गई। अन्य ग्रामीणों की मदद से शोर मचाना शुरू कर दिया। जिसके बाद बाघ हड़बड़ा कर जंगल की ओर चला गया। घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल है। लोग रात में घरों से बाहर निकलने से कतरा रहे है। बाघ के हमले में घायल पशु की दूसरे दिन इलाज के दौरान मौत हो गई है। बता दें कि पिछले आठ दिनों से लगातार बाघ और तेंदुए की दस्तक से ग्रामीणों का घरों से निकलना दूभर हो गया है।

पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल से सटे बराही गांव निवासी सतनाम सिंह के अनुसार रात करीब आठ बजे एक टाइगर उनके फार्म हाउस में घुस गया। इसके बाद फार्म हाउस पर बंधे बछड़े पर बाघ ने हमला कर दिया। बछड़े को खींचकर बाघ ले जाने की कोशिश कर रहा था। इस बीच बछड़े की चीखें सुनकर परिवार वाले बाहर निकले। जिसके बाद दृष्य देखकर सभी के पसीने छूट गए। आसपास के ग्रामीणों को सूचना देकर एकत्र किया। जिसके बाद बाघ से बछड़े को बचाने के लिए शोर शराबा शुरू कर दिया। एक साथ कई लोगों का शोर सुनकर बाघ हड़बड़ा गया। इस पर बाघ बछड़े को छोड़कर जंगल की ओर निकल गया। घायल हालत में बछड़े को पशु चिकित्सालय ले जाया गया, जहां उसकी कुछ घंटों बाद मौत हो गई। गांव के लोगों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से लगातार तेंदुआ और बाघ की दस्तक हो रही है। कुछ दिन पहले बलविंदर के मकान में बाघ आया था, जिसने एक पशु को निवाला बनाया। इसके बाद तेंदुए ने कुत्ते पर हमला किया। पिछले तीन दिन दिनों से रोज रात में बाघ जंगल से निकलकर गांव में घुस रहा है। वनविभाग के कर्मचारी सूचना मिलने के बाद भी कोई सुध नहीं ले रहे। ऐसे में ग्रामीण खुद ही रतजगा कर अपनी हिफाजत में जुटे हुए है। रात में एकत्र होकर गांव के लोग ट्रैक्टर की लाइटें जलाकर चौकसी बरत रहे है। बाघ दिखने पर उसको प्रतिदिन दौडाया जा रहा है। इधर वनविभाग कर्मचारियों की अनदेखी से नाराज होकर ग्रामीणों की सुरक्षा के लिहाज से ग्राम प्रधान सुखदीप सिंह ने केंद्रीय मंत्री मेनका संजय गांधी से आवश्यक कार्रवाई कराए जाने की मांग की है। पूरा गांव बाघ की दहशत के साए में जिंदगी गुजार रहा है।

 

-मुख्य संवाददाता वैभव शुक्ला की रिपोर्ट

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