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चूका बंद है तो टेलफाल का उठाए आनंद

चूका बंद है तो टेलफाल का उठाए आनंद

May 1, 2014

पीलीभीत: वन्यजीव विहार घोषित होने के साथ ही जंगल में लोगों का प्रवेश बंद कर दिया गया है। इसी के साथ ही चूका पिकनिक स्पाट भी बंद कर दिया गया है। ऐसे में पर्यटकों को कुछ निराश हुई लेकिन यहां पर कुछ और स्थान हैं जो बेहतर पिकनिक स्पाट साबित हो रहा हैं। चूका बंद होने के बाद लोग टेलफाल पहुंच रहे हैं और नदी में स्नान कर गर्मी में सकून महसूस कर रहे हैं।

करीब एक दशक पूर्व महोफ रेंज में वनविभाग ने चूका पिकनिक स्पाट बनाया था जो पर्यटकों को खूब भाया। लेकिन पिछले दिनों वन्य जीवों की सुरक्षा को देखते हुए वन क्षेत्र को वन्य जीव विहार घोषित कर दिया गया। वन्य जीव विहार घोषित किए जाने से चूका का प्रतिबंध लग गया है। अब पर्यटक शारदा सागर डैम की पोषक (फीडर नहर) की टेलफाल एवं नहरों के जंक्शन बाइफरकेशन का नजारा लेकर लौट रहे हैं। डैम का किनारा लोगों के लिए सैरगाह बन गया है। डैम आउटलेट के पास का वाटरफाल काफी मनमोहक है। रोजाना जिला मुख्यालय, बरेली, लखीमपुर, शाहजहांपुर जिलों के अलावा पड़ोसी राज्य उत्तराखंड और पड़ोसी देश नेपाल से आने वाले पर्यटक खूबसूरत स्थानों का दीदार कर रहे हैं। बाइफरकेशन का नजारा लेने के साथ डैम की रेत में मौजमस्ती करके लोग पानी में डुबकी लगाकर मौजमस्ती कर रहे हैं। स्थानीय लोग भी गर्मी से राहत पाने को इनके साथ नहाते देखे जा रहे हैं। यहां की बंगाली कालोनियों एवं थारू बस्ती में मौजूद कई तरह की संस्कृतियां भी पर्यटकों को लुभा रहीं हैं।

यहां भी नहीं पहुंच सकेंगे पर्यटक

चूका तो बंद ही हो गया है। इसके अलावा बाइफरकेशन से करीब डेढ़ किमी पूरब में जंगल के बीच स्थित साइफन की खूबसूरती भी नहीं दिखेगी। यहां खीरी ब्रांच नहर के नीचे से डैम की आउटलेट खारजा निकली है। इसके अलावा नवदिया कोठी आदि गेस्ट हाउस भी जनता से दूर हो जाएंगे।

चूका बंद होने से बेरोजगार होंगे लोग

पूरनपुर: चूका बंद होने से पर्यटक तो परेशान हो ही रहे हैं इससे जुड़े कई अन्य लोग भी बेरोजगार हो रहे हैं। चूका की इंट्री फीस व बुकिंग राशि लेने के लिए मुस्तफाबाद वन समिति जिम्मा सम्हाले थी। समिति ने यहां कैंटीन भी खोल रखी थी। पर्यटकों के आने से उनका काफी मुनाफा होता था।

इनका भी लीजिए नजारा

– बाइफरकेशन में अंग्रेजों के जमाने का खूबसूरत गेस्ट हाउस एवं मनोहारी नहरों का जंक्शन

– प्रथम पंचवर्षीय योजना में निर्मित एशिया का सबसे बड़ा कच्चा डैम शारदा सागर जलाशय, लंबाई 22 किमी एवं चौड़ाई करीब 5 किमी।

– रमनगरा क्षेत्र में बसीं पश्चिम बंगाल की संस्कृति का एहसास करातीं बंगाली कालोनियां और नेपाल जैसी थारू बस्ती

– गोमती का माधोटांडा स्थित सुप्रसिद्ध उद्गम स्थल, फुलहर झील एवं बाबा दुर्गानाथ का मंदिर।

– चूका पोस्ट के पास डैम आउटलेट में वाटर फाल का अद्भुत नजारा।

– देश भर में मशहूर सेल्हा बाबा की सुप्रसिद्ध मजार, जहां मन्नत पूरी होने पर दी जाती है मुर्गो की कुर्बानी।

 

As posted in Jagran.com

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