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पीलीभीत की सोशल फॉरेस्टी डिवीज़न पर छाया संकट

पीलीभीत की सोशल फॉरेस्टी डिवीज़न पर छाया संकट

May 2, 2015

पीलीभीत : काले हिरण समेत कई वन्यजीवों की मौत के बाद सामाजिक वानिकी प्रभाग पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। अगर समय से कड़े कदम नहीं उठाए जाएंगे, तो वन्यजीव काल के गाल में समाने में देर नहीं लगेगी। इस संबंध में वन कर्मियों को निर्देश दे दिए गए हैं।1सामाजिक वानिकी वन प्रभाग क्षेत्र की पीलीभीत, पूरनपुर व बीसलपुर रेंज में काले हिरन, बंदर, मोर, सारस समेत कई वन्यजीव पाए जाते हैं। 28 अप्रैल को शाही के पास काला हिरण अज्ञात वाहन की टक्कर से घायल हो गया था। इसके अगले दिन ही काले हिरण की मौत हो गई। 29 अप्रैल को निगोही ब्रांच नहर में चीतल का शव बरामद किया गया। दो दिनों में लगातार दो वन्यजीवों की मौत ने वन अफसरों को हिलाकर रख दिया है। अगर समय से वन्यजीव संरक्षण की दिशा में कदम नहीं उठाए गए, तो वन्यजीवों का वजूद बचाना मुश्किल होगा। जहानाबाद क्षेत्र में काले हिरणों की बहुतायत है। इनके संरक्षण के लिए किसी प्रकार के कोई उपाय नहीं किए गए।

वन्यजीवों की मौत के बाद वनकर्मियों को दिए गए निर्देश

वन कर्मचारी भी रस्म अदायगी कर वन्यजीवों की सुरक्षा करते हैं। आला अफसर भी ध्यान नहीं दे रहे हैं। सामाजिक वानिकी प्रभाग के प्रभागीय निदेशक आदर्श कुमार ने बताया कि डिवीजन क्षेत्र में विचरण करने वाले वन्यजीवों की सुरक्षा के प्रबंध शुरू कर दिए गए हैं।1 इस संबंध में फील्ड स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं। रेंज अफसरों से क्षेत्र में पाए जाने वाले वन्यजीवों की सूची मांगी गई है। बरेली हाईवे पर स्पीड ब्रेकर बनवाने के प्रयास किए जाएंगे, जिससे वाहनों की गति धीमी हो सकेगी। बोर्ड भी लगवाए जाएंगे।

 

 

As posted in Jagran.com

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