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पशु तस्करी पर खामोशी क्यों?

पशु तस्करी पर खामोशी क्यों?

May 6, 2014

पीलीभीत : नेपाल से प्रतिदिन आ रहे पशुओं को एसएसबी घेराबंदी कर बरामद कर रही है। एसएसबी से सबक नहीं लिया जा रहा है और पुलिस पूरी तरह खामोश बैठी है। सीओ ने पुलिस की इस लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए थानेदारों को खत भेजा है। इसमें पशु तस्करी पकड़ने और रात में गश्त बढ़ाने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। इण्डो नेपाल की खुली सीमा से प्रतिदिन शारदा नदी के घाटों से प्रतिबंधित पशुओं की खेप भारत आती है। तस्कर इसमें जंगल के रास्तों को सबसे अच्छा मानते हैं। एसएसबी द्वारा लगातार घेराबंदी कर पशुओं को पकड़ा जाता है और पुलिस इसमें कोई कार्रवाई नहीं कर पाती है। पुलिस पशु तस्करी रोकने में नाकाम साबित हो रही है जो उसकी कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा रही है। क्षेत्र के माधोटांडा, हजारा और मैनाकोट के पास तस्कर पशुओं को लाते हैं जिसकी सूचना और जानकारी भी पुलिस को होती है।

पुलिस इसमें जानबूझकर लापरवाही कर रही है या फिर मिलीभगत के चलते एक्शन नहीं लिया जाता यह सवाल उठने लगा है। सीओ रमेश बाबू यादव ने इस मामले में नाराजगी जाहिर करते हुए गश्त में उदासीनता पर चिंता जताई है। सीओ ने इस लापरवाही पर अब लगाम कसी है। सीओ ने ऐसे सभी थानेदारों को खत लिखा है। खत में सवाल पूछा है कि वह एसएसबी की तरह पशु क्यों नहीं बरामद कर रहे हैं और इसमें कहां से लापरवाही हो रही है। सीओ ने बताया कि नेपाल से पशु आते हैं और बार्डर पर इसकी रोक के लिए थाने की पुलिस को सक्रिय रहना चाहिए। खत के माध्यम से कड़ी चेतावनी दी गई है।

As posted in Jagran.com

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