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पीलीभीत टाइगर रिजर्व में फील्ड स्टाफ की कमी ने बढ़ाई मुसीबत

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में फील्ड स्टाफ की कमी ने बढ़ाई मुसीबत

Mar 4, 2015

पीलीभीत : पीलीभीत टाइगर रिजर्व में फील्ड स्टाफ का टोटा होने से वन्यजीवों की बेहतर ढंग सुरक्षा नहीं हो पा रही है। जंगल में विचरण करने वाले बाघ समेत कई वन्यजीवों की जैसे तैसे सुरक्षा की जा रही है। टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स तैनात करने की फाइल ठंड बस्ते में पड़ी हुई है। इस दिशा में कोई कठोर कदम नहीं उठाए गए। तराई का जंगल वन्यजीवों के मामले में धनी है। इसी वजह से राज्य सरकार ने नौ जून को जंगल को टाइगर रिजर्व के रूप में घोषित किया था। इसके बाद नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथारिटी के सदस्य सचिव डा.राजेश गोपाल ने जंगल का दौरा किया था। इस दौरान सदस्य सचिव ने टाइगर रिजर्व में बाघों की सुरक्षा के लिए विशेष बल तैनात करने की घोषणा की थी। मगर अभी तक इस दिशा में कोई कठोर कदम नहीं उठाए गए। मौजूदा समय में टाइगर रिजर्व में उप प्रभागीय वनाधिकारी माला एक पद, वन रेंजर दो पद, वन दरोगा व वनरक्षक के 23-23 पद सालों से रिक्त चल रहे हैं। इन पदों को भरने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाए गए। फील्ड स्टाफ कर्मचारी न होने से रेंजों में वन्यजीव सुरक्षा जैसे तैसे हो रही है। माला रेंज में चीतल की मौत ने सुरक्षा का भांडा फोड़कर रख दिया। इसके बाद वन महकमा सतर्क हो गया। सीमित स्टाफ में ही बाघ समेत कई वन्यजीवों की सुरक्षा की जा रही है। सेव इन्वायरंमेंट वेलफेयर वेलफेयर सोसाइटी ने जंगल में टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स तैनात किए जाने संबंधी फाइल ढाई साल पहले केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को भेजी थी। मगर अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।

पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश के मुताबिक वन्यजीव सुरक्षा के लिए जंगल में पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है। पेट्रोलिंग की औचक चेकिंग भी की जाती है। खुफियातंत्र को भी मजबूत किया जा रहा है। प्रत्येक सूचना को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की जाती है। कोई भी व्यक्ति टाइगर रिजर्व दफ्तर को सूचना दे सकता है। उस पर कार्रवाई की जाएगी। जंगल में बगैर काम के घूमने पर प्रतिबंध है। वहीं सेव इन्वायरंमेंट वेलफेयर सोसाइटी, पीलीभीत के सचिव टीएच ख़ान का कहना है कि जंगल में टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स तैनात करने के लिए केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को फाइल बनाकर भेजी गई थी। जंगल में टाइगर मरने की घटनाओं में वृद्धि हुई है। इस संबंध में प्रमुख सचिव वन से मुलाकात कर टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स तैनाती की मांग थी। इस पर शासन स्तर पर विचार चल रहा है। इसके जल्द ही सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।

 

 

As posted in Jagran.com

 

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