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गोपनीय सूचना तंत्र के सहारे पीलीभीत टाइगर रिज़र्व

गोपनीय सूचना तंत्र के सहारे पीलीभीत टाइगर रिज़र्व

Apr 30, 2015

पीलीभीत : बराही जंगल की हरदोई ब्रांच नहर में मिले बाघ के शव के बाद शिकारियों तक पहुंचने के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व ने गोपनीय सूचना तंत्र का सहारा लेना शुरू कर दिया है। गोपनीय सूचनाओं के आधार पर वन अफसर छापामार कार्रवाई कर शिकारियों को पकड़ेंगे। पीलीभीत टाइगर रिजर्व घोषित होने के बाद बाघों की हत्याओं का सिलसिला बदस्तूर जारी है। जेल भेजे गए शिकारियों ने कई बाघों का शिकार करना स्वीकार किया। पिछले 23 अप्रैल को बराही रेंज के हरदोई ब्रांच नहर में जवान बाघ का शव मिला था। जिसे बरेली के आइवीआरआई भेजा गया था। हालांकि अभी तक इसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है। बाघ हत्या में संलिप्त लोगों की सूचनाएं लेने के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व प्रशासन ने गोपनीय सूचना तंत्र का सहारा लिया है। जंगल किनारे आसपास गांवों के लोगों से शिकारियों की सूचनाएं मोबाइल पर देने की अपील की है। ऐसे लोगों के नाम गुप्त रखे जाएंगे। टाइगर रिजर्व के प्रभागीय वनाधिकारी कैलाश प्रकाश ने बताया कि हरदोई ब्रांच नहर में मिले बाघ हत्या मामले में जांच कराई जा रही है। हर स्तर से सूचनाएं जुटाई जा रही है। अगर किसी के पास कोई सूचना है, तो वह मोबाइल नंबर पर सूचना दे सकता है।

इन नंबरों पर दें सूचनाएं

डीएफओ टाइगर रिजर्व : 9453006558

एसडीओ टाइगर रिजर्व : 9412592858

प्रभागीय निदेशक सावा : 9453006570

 

 

As posted in Jagran.com

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