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पीलीभीत टाइगर रि़ज़र्व में ईको टूरिज़्म बढ़ाएगा राजस्व

पीलीभीत टाइगर रि़ज़र्व में ईको टूरिज़्म बढ़ाएगा राजस्व

Dec 26, 2014

पीलीभीत: नए साल में ईको टूरिज्म को नई उड़ान भरेगा। वन्य जीवों के लिए नया प्रयास करते हुए वन विभाग ईको टूरिज्म पर काम करेगा। इसके अंतर्गत जंगल के अंदर जैव विविधता से छेड़छाड़ किए बिना ही स्थानों को विकसित किया जाएगा। टाइगर रिजर्व के जंगल में ईको टूरिज्म चूका बीच के अलावा कई स्पॉट दर्शनीय है, जहां पर देशी-विदेशी पर्यटकों को सैर कराई जा सकती है। सप्त सरोवर और लग्गा-भग्गा स्पाट को ईको टूरिज्म के लिहाज से विकसित किया जा रहा है। राज्य सरकार ने यहां के जंगल को पीलीभीत टाइगर रिजर्व नौ जून को घोषित किया था। इसके बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के सदस्य सचिव डा.राजेश गोपाल समेत दो सदस्यीय टीम ने जंगल का निरीक्षण किया था।

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निरीक्षण के बाद टाइगर रिजर्व कार्यालय से प्राधिकरण को कई करोड़ का बजट बनाकर भेजा गया था, जिसमें से कुछ धनराशि भी मिल गई है। टाइगर रिजर्व के जंगल की शोभा ईको टूरिज्म स्पाट चूका बीच बढ़ा रहा है। हर आने वाला देशी विदेशी पर्यटक चूकाबीच की सैर करना चाहता है, जो प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण है। बराही रेंज के ईको टूरिज्म स्पाट सप्त सरोवर को विकसित करने की कवायद चल रही है। सरोवर को साफ कर मरम्मत कराई गई, जिसे कैंप्टीफाल जैसा बनाया जाएगा। इसी रेंज के लग्गा भग्गा वनक्षेत्र को ईको टूरिज्म स्पाट के रूप में विकसित किया जा रहा है। घास के जंगल में नेपाल के हाथियों का झुंड आ जाता है,जो टूरिस्टों के लिए आकर्षण का केंद्र है। इन ईको टूरिज्म स्पॉटों का पर्यटक नए साल में लुत्फ उठा सकेंगे। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रभागीय वनाधिकारी कैलाश प्रकाश का कहना है कि जंगल में ईको टूरिज्म की संभावनाएं तलाशी जा रही है। सप्तसरोवर को विकसित किया जा रहा है। गढ़ा पार्क को भी पर्यटन लायक बनाने के प्रयास किए जाएंगे। इस संबंध में जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। चूका बीच पर जल्द ही टूरिस्टों को और अधिक सुविधाएं दी जाएंगी।

 

 

 

As posted in Jagran.com

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