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छह माह में दूर होगी पीलीभीत टाइगर रिज़र्व की कमियां

छह माह में दूर होगी पीलीभीत टाइगर रिज़र्व की कमियां

May 11, 2015

पीलीभीत : प्रदेश के वन, खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री फरीद महफूज किदवई ने कहा है कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व में सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति अच्छी नहीं है। इसी वजह से आए दिन बाघों की मौत हो रही है। इसे मुख्यमंत्री ने भी बड़ी गंभीरता से लिया है। इस मामले में जल्द ही बड़ी कार्रवाई की जा रही है। छह महीने के अंदर टाइगर रिजर्व में व्याप्त कमियों को दूर कर लिया जाएगा। दस दिन के अंदर फील्ड डायरेक्टर की तैनाती कर दी जाएगी, जो काफी समय से लंबित चल रही है। शहर के पुलिस लाइंस में वन राज्यमंत्री किदवई ने कहा कि टाइगर रिजर्व के जंगल में ध्यान न देने की वजह से वन्य जीवों की मौत हो रही हैं। इसमें अफसरों का अहम रोल जाता है। टाइगर रिजर्व में जल्द ही बड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद नए अफसरों की तैनाती होगी। उन्होंने टाइगर रिजर्व में संसाधनों की कमी को स्वीकार किया। उन्होंने कहा कि टाइगर रिजर्व के कोर जोन में चूका बीच पड़ रहा है, जहां पर आवागमन से वन्यजीव डिस्टर्ब होते हैं। अगर उनके अधिकार क्षेत्र में होता तो चूका कब तक बंद हो गया होता। भारत और अफ्रीका के जंगल में काफी अंतर है। अफ्रीका में जंगल में जीप जाती है। मगर यहां पर जीप देखकर वन्यजीव भाग जाते हैं। ऐसे में जंगल टूरिज्म नहीं होना चाहिए। चूका बीच के संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र लिख चुका हूं। इस पर शासन स्तर पर विचार चल रहा है। उन्होंने कहा कि बराही रेंज के बाघ मौत मामले में रेंजर और चार वन कर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया था। इसमें बड़े अफसर भी बराबर के दोषी हैं। उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जंगल की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जंगल के बाहर घूम रहे वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए प्लान बनाकर मुख्यमंत्री को भेजा गया है। आज प्वाइज¨नग से टाइगर मर रहे हैं, जो काफी दु:खद हैं। दुधवा नेशनल पार्क में गैंडा बढ़ रहे हैं। पीलीभीत में असम की बजाय दुधवा से ही गैंडे मंगवाए जाएंगे।

 

 

 

As posted in Jagran.com

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