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पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के माला में दफनाए गए चीतल का हुआ पोस्टमार्टम

पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के माला में दफनाए गए चीतल का हुआ पोस्टमार्टम

Feb 28, 2015

पीलीभीत : पीलीभीत टाइगर रिजर्व की माला वनरेंज में चोरी छिपे दफनाए गए चीतल के शव का आखिरकार पोस्टमार्टम कराया गया। पशुपालन विभाग के तीन सदस्यीय डाक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम किया। शनिवार को पोस्टमार्टम रिपोर्ट दी जाएगी। यूं तो पीलीभीत टाइगर रिजर्व का जंगल वन्यजीव मामले में धनी है। हिरन परिवार के वन्यजीवों को जंगल में स्वच्छंद विचरण करते देखा जा सकता है। वन कर्मचारियों की किल्लत की वजह से टाइगर रिजर्व के वन्यजीवों की सुरक्षा बेहतर ढंग से नहीं हो पा रही है। टाइगर रिजर्व की माला रेंज से दो दिनों के भीतर नहर से दो चीतलों के शव बरामद किए गए थे। एक चीतल का पोस्टमार्टम कराए बगैर ही जमीन में दफना दिया गया। इस मामले को दैनिक जागरण ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद टाइगर रिजर्व प्रशासन हरकत में आया। शुक्रवार को माला रेंज में चोरी से दफनाए गए चीतल के शव का सदर पशु अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डा.वीके मलिक की मौजूदगी में पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके राठौर, पशु चिकित्सा अधिकारी ललौरीखेड़ा डॉ.राजू सक्सेना, पशु चिकित्सा अधिकारी माधोटांडा डॉ.विवेक वर्मा की टीम ने चीतल का पोस्टमार्टम किया। माला रेंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी डीके सिंह का कहना है कि डीएफओ की परमीशन लेने के बाद मृत चीतल के शव का पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद चीतल के शव को जला दिया गया।

जीप में ही कर दिया पोस्टमॉर्टम

सदर पशु अस्पताल में माला रेंज में मृत पाए गए चीतल का पोस्टमार्टम अजीबोगरीब ढंग से किया गया। पशु अस्पताल में बेहतर सुविधाएं न होने की वजह से चीतल का पोस्टमार्टम मैजिक जीप में ही कर दिया गया। जबकि पोस्टमार्टम के लिए अलग से भवन होना चाहिए।

पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश के मुताबिक पीलीभीत टाइगर रिजर्व की माला रेंज में नहर से चीतल के शव पाए जाने के बाद स्टाफ को एलर्ट कर दिया गया है। रेंजरों को अपने अपने क्षेत्र में डे-नाइट गश्त में तेजी लाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। पेट्रोलिंग के दौरान बगैर काम के घूमने वाले लोगों पर निगाह रखी जा रही है। बगैर इजाज़त के किसी को जंगल में जाने की इजाजत नहीं है। वन्यजीव सुरक्षा पर विशेष निगाह रखी जा रही है। सीमित स्टाफ में ही काम चलाया जा रहा है। सेव इंन्वायरंमेंट वेलफेयर सोसाइटी पर्यावरण चिंतक व सचिव टीएच ख़ान का कहना है कि जंगल में टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स तैनात की जानी चाहिए, तभी वन्यजीवों का शिकार रुक सकेगा। इस फोर्स की तैनाती से स्टाफ की किल्लत भी दूर होगी। माला रेंज में चीतल का पोस्टमार्टम न करने के पीछे कुछ न कुछ गड़बड़ थी। निचला स्टाफ कुछ छिपाने की फिराक में था।

 

As posted in Jagran.com

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