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मेनका गांधी के थप्पड़ प्रकरण पर पुलिस ने शुरू की जांच

मेनका गांधी के थप्पड़ प्रकरण पर पुलिस ने शुरू की जांच

May 12, 2015

पीलीभीत : जंगल के अतिसंवेदनशील इलाके में आग देखकर केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी द्वारा एक वनकर्मी को थप्पड़ मारे जाने के आरोपों की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में सोमवार को ही सुबह वन विभाग के निकास मुंशी की ओर से गजरौला थाने में तहरीर दी गई, इसके बाद मामले की जांच एसआइ जोगन यादव को सौंप दी गई। हालाकि अभी पुलिस शिकायतकर्ता का भी बयान नहीं ले सकी है। इधर, केंद्रीय मंत्री मेनका संजय गांधी ने इसे पेशबंदी बताते हुए जंगल की सुरक्षा में लापरवाही पर मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। बता दें कि रविवार को केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी पूरनपुर जा रही थीं। रास्ते में माला रेज की गढ़ा चौकी के पास उन्होंने जंगल में आग देखी तो चेकपोस्ट पर पहुंच गईं। मंत्री का काफिला देखकर वहां पर तैनात कुछ कुछ वनकर्मी तो भाग खड़े हुए। मौके पर मिले निकास मुंशी रूपलाल वर्मा को मंत्री ने कड़ी फटकार लगाते हुए जंगल की सुरक्षा की नसीहत भी दी। केंद्रीय मंत्री ने वहीं पर डिप्टी रेंजर महेश चंद को भी बुलवाया तो उन्होंने बताया कि यह उनके क्षेत्र में नही आता। मंत्री ने वहीं से जिलाधिकारी को भी फोन करके घटना की जानकारी दी और जंगल जैसे अतिसंवेदनशील इलाके में इस प्रकार की गतिविधियों पर सख्ती से रोक लगाने को कहा। वहीं वन विभाग के संविदा कर्मी रूपलाल वर्मा सीधे रायफल क्लब में चल रही शूटिंग प्रतियोगिता में पहुंच गए और वहां मौजूद प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री हाजी रियाज से बताया कि केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की है। वनकर्मी रूपलाल ने गजरौला थाने में एक तहरीर देकर केंद्रीय मंत्री पर मारपीट व गाली-गलौज का आरोप लगाया है। पुलिस अधीक्षक जेके शाही ने बताया कि सोमवार को इस संबंध में तहरीर मिली है। मामले की जांच एसआइ जोगन यादव को सौंप दी गई है। उन्होंने कहा हकीकत क्या है यह तो जांच के बाद ही सामने आ सकेगा। थानाध्यक्ष गजरौला अशोक कुमार बुद्धप्रिय ने बताया कि जोगन यादव आज किसी दूसरे मामले में बयान लेने गए थे, इसलिए शिकायतकर्ता का बयान नहीं हो सका।

मेनका गांधी ने दिए निर्देश

जिलाधिकारी ओएन सिंह ने बताया कि केंद्रीय मंत्री ने सोमवार को फोन पर जंगल में आग की शिकायत की थी। इस मामले में डीएफओ को विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जंगल में सड़क के किनारे फायर लाइन तक ज्वलनशील पदार्थ जलाए जाते हैं, जिससे कि किसी राहगीर द्वारा बीड़ी आदि फेंकने से आग जैसी कोई घटना न होने पाए। कई बार वनकर्मियों की लापरवाही से वह आग प्रतिबंधित क्षेत्र तक पहुंच जाती है। इस पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मंत्री की शिकायत के बारे में भी डीएफओ को अवगत करा दिया गया है।

पेशबंदी कर रह कर्मचारी : मेनका गांधी

केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि वह कर्मचारी गलती करने के बाद कार्रवाई से बचने के लिए पेशबंदी कर रहा है। उन्होंने बताया कि जंगल में वनकर्मियों ओर से लगातार बरती जा रही लापरवाही से जंगल को हो रहे नुकसान के बारे में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी पत्र भेजा है। पत्र में जंगल को बचाने के लिए यहां हुई वन्यजीवों की मौत से लेकर आगजनी व लकड़ी कटान तक की हालिया घटनाओं की एक कमेटी बनाकर जांच करवाने की भी मांग की है। पत्र में सोमवार की घटना का भी उल्लेख किया गया, जिसमें उन्होंने खुद जंगल में आग देखी थी।

 

 

 

As posted in jagran.com

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