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पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में पौधे लगा कर भूल जाते हैं देखभाल करना

पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में पौधे लगा कर भूल जाते हैं देखभाल करना

Jun 24, 2015

पीलीभीत : राजनीतिक नेता हों या अफसर अथवा सामाजिक संगठनों के लोग। पौधे लगाने का तो इन्हें शौक रहता है लेकिन बाद में उसकी देखभाल पर ध्यान ही नहीं देते। इसी का परिणाम है कि तराई के इस जिले में हरियाली लगातार घट रही है। पौधारोपण के बाद अधिकांश पौधे पेड़ बनने से पहले ही सूख कर नष्ट हो जाते हैं। दूसरी ओर हरे-भरे पेड़ काटने की प्रवृत्ति पर प्रभावी ढंग से अंकुश नहीं लग पा रहा है। जंगल में भी अवैध कटान होता रहता है। प्रकृति ने तराई के इस जिले को हरियाली से भरपूर नवाजा लेकिन उसे सहेजने के प्रति उदासीनता रही। यहां करीब 72 हजार 188 हेक्टेयर इलाका प्राकृतिक जंगल से आच्छादित है। इस पूरे जंगल को पीलीभीत टाइगर रिजर्व घोषित किया जा चुका है। जंगल से अलग हटकर सामाजिक वानिकी के क्षेत्र में दो दशक पहले तक जहां हरे-भरे बाग-बगीचे हुआ करते थे, वहां अब कंकरीट का जंगल खड़ा है। लकड़ी माफिया हरे वृक्षों को सूखा दर्शाकर कटान का परमिट हथिया लेते हैं। हद तो यह है कि जितने का परमिट जारी होता है, उससे दोगुनी संख्या में पेड़ों का कटान हो जाता है। एक ओर जहां पुराने वृक्ष साफ होते जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पौधारोपण के नाम पर खानापूर्ति कर दी जाती है। हर साल वन महोत्सव के दौरान पौधारोपण के लक्ष्य सरकारी विभागों व ग्राम पंचायतों को दिए जाते हैं। अधिकारी, नेता और सामाजिक संगठनों के अधिकतर लोगों का रवैया यह है कि पौधे तो लगा दिए जाते हैं लेकिन उनकी उचित देखभाल के इंतजाम ही नहीं किए जाते। परिणाम यह होता है कि कुछ दिनों बाद ही पौधे सूखकर नष्ट होने लगते हैं। शहर और उसके आसपास इलाकों में पिछले वर्षों में लगाए गए पौधों का यही हश्र हुआ।

-File Photo

लगातार घटता गया पौधारोपण का लक्ष्य

सामाजिक वानिकी विभाग हर साल पौधारोपण का लक्ष्य तय करता है लेकिन यह लक्ष्य पिछले कई वर्षों से लगातार घट रहा है। विभाग के आंकड़े इसके गवाह हैं। वर्ष-2011-12 में पौधारोपण का लक्ष्य 228 हेक्टेयर रहा लेकिन वर्ष-2012-13 में घटकर मात्र 64 हेक्टेयर ही रह गया। वर्ष-2013-14 में 79.40 हेक्टेयर भूमि पर पौधारोपण हुआ। अलबत्ता वर्ष-2014-15 में लक्ष्य में बढ़ोत्तरी हुई और यह 121 हेक्टेयर तक पहुंच गया लेकिन इस साल लक्ष्य घटकर सिर्फ 84 हेक्टेयर रह गया।

टाइगर रिजर्व में सौ हेक्टेयर में लगेंगे पेड़

पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल में हरियाली बढ़ाने का फैसला किया गया है। क्योंकि जंगल में अनेक स्थानों पर पुराने पेड़ सूख जाने के बाद उन्हें चिन्हित करके वन निगम को कटान के लिए दे दिया गया। अब इस साल सौ हेक्टेयर क्षेत्रफल में जंगल के अंदर नए पेड़ लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

 

 

 

As posted in Jagran.com

 

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