Roar for Tigers

पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में हरियाली बढ़ाने के लिए पौधरोपण शुरू

पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में हरियाली बढ़ाने के लिए पौधरोपण शुरू

Jul 2, 2015

पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व की हरियाली बढ़ाने का काम वनविभाग की ओर से शुरू किया जा चुका है। बुधवार से शुरू हुए वनविभाग के वन महोत्सव में जंगल को हरा-भरा करने की ठानी गई है। इसकी शुरूआत करते हुए टाइगर रिजर्व में पहले दिन चौदह हजार से अधिक पौधे लगाए गए। साथ ही विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों संग बैठक भी की। जिसमें जंगल की हरियाली बढ़ाने के लिए गांव के लोगों को पौधरोपण के प्रति जागरूक किया गया। जंगल अपनी हरियाली और वन्यजीवों की बजह से अपनी पहचान बनाता है। पीलीभीत का जंगल टाइगर रिजर्व घोषित है। इसकी हरियाली और खूबसूरती को बढ़ाने के लिए बुधवार को वनविभाग का वन महोत्सव शुरू हुआ।

-File Photo

– वन महोत्सव के पहले दिन महोफ और बराही रेंज में लगाए गए 14,175 पौधे
– डीएफओ ने बैठक कर ग्रामीणो को पौधरोपण के लिए किया जागरूक

इसके तहत बराही रेंज के फैजुल्लागंज 3ए और 3बी कंपार्टमेट के करीब पैंतीस हेक्टेयर, तराई बीट में 40 हेक्टेयर और महोफ रेंज की 56 बीट में 25 हेक्टेयर हिस्से में पौधरोपण का लक्ष्य बनाया गया है। पहले दिन इन तीनों स्थानों पर करीब 14 हजार 175 पौधे लगाए गए है। हरियाली बढ़ाने के लिए ग्रामीणों ने भी सहयोग किया। करीब 175 पौधे ग्रामीणों के सहयोग से लगाए गए। इसके बाद फैजुल्लागंज में एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाष प्रकाष, एसडीओ डीपी सिंह मौजूद रहे। विभागीय अधिकारियों ने ग्रामीणों से रूबरू होकर उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। जिसके बाद जल्द निस्तारण के आष्वासन दिया गया। साथ ही अफसरों ने हरियाली के महत्व को भी बताया। गांव के लोगों से जंगल को हरा-भरा रखने के लिए सहयोग मांगते हुए पौधरोपण के प्रति जागरूक किया गया। इस पर ग्रामीणों ने भी जागरूकता का परिचय देते हुए हामी भरी। इधर सामाजिक वानिकी की ओर से भी वन महोत्सव के दौरान पौधरोपण किया गया। अमरिया क्षेत्र के ग्राम भरा पचपेड़ा में सामाजिक वानिकी की टीम ने ग्राम समाज की भूमि पर बाइस हजार पौधरोण का लक्ष्य लेकर शुभारंभ किया। इस दौरान अधिकारियों की ओर से लगाए गए पौधों की देखभाल करने के सख्त निर्देष भी कर्मचारियों को दिए गए।

 

– मुख्य संवाददाता वैभव शुक्ला की रिपोर्ट

468 ad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *