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सैलानियों के लिए खुला पीलीभीत टाइगर रिजर्व, पहले ही दिन जुटी भीड़

सैलानियों के लिए खुला पीलीभीत टाइगर रिजर्व, पहले ही दिन जुटी भीड़

Nov 17, 2016

पीलीभीत: पीलीभीत टाइगर रिजर्व मंगलवार को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया। मंगलवार को एसपी, डीएम और वन संरक्षक ने संयुक्त रूप से महोफ गेट का फीता काटकर उदघाटन किया। 72 हजार वर्ग किलोमीटर में फैले पीलीभीत टाइगर रिजर्व में ईको टूरिज्म स्पॉट चूका के लिए स्कूली बच्चों का एक दल रवाना किया गया। पीलीभीत टाइगर रिजर्व की वेबसाइट भी डीएम ने लॉच की। इससे अब ऑनलाइन चूका की बुकिंग की जा सकेगी।

उत्तर प्रदेश के सबसे नए पीलीभीत टाइगर रिजर्व में मंगलवार को पर्यटक सीजन की शुरुआत हो गई। डीएम मासूम अली सरवर, एसपी सभाराज यादव और वन संरक्षक वीके सिंह ने संयुक्त रूप से महोफ गेट पर विधिवत फीता काटकर सीजन का शुभारंभ किया। इस अवसर पर वन संरक्षक बरेली वृत वीके सिंह ने कहा कि इस बार पीलीभीत टाइगर रिजर्व में 12 वाहन पर्यटकों के लिए उपलब्ध करा दिए गए हैं। इससे अब कोई भी पीलीभीत के जंगल को घूम सकता है। उन्होंने बताया कि जिप्सी का किराया 1800 रुपया निर्धारित किया गया है। जबकि कार्बेट में यह शुल्क 2200 रुपये है। यह दिनभर के लिए मान्य होगा।

वन संरक्षक ने बताया कि पिछले साल पीलीभीत टाइगर रिजर्व में 17 हजार पर्यटक आए थे। इस बार इसे 30 हजार करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि वन कर्मियों को अनुशासित होकर इसे और विकसित करना है। उनका कहना था कि अब ईको विकास समितियों की भूमिका और महत्वपूर्ण हो गई है। उन्होंने बताया कि खान-पान व्यवस्था ईको विकास समितियों को सौंपी जाएगी। पीलीभीत टाइगर रिजर्व की वैवसाइट लॉच हो गई है। देश और विदेश में कहीं से भी बैठकर अब चूका की हट और वन विभाग के विश्राम गृहों की बुकिंग कराई जा सकेगी। पीलीभीत टाइगर रिजर्व में एक नई व्यवस्था यह लागू की है कि आने वाले प्रत्येक पर्यटक वाहन को एक थैला दिया जाएगा, जिसमें वे जंगल में कचरा फेंकने के बजाय इस थैले का वापस देंगे। इससे जंगल में कचारा नही होगा। कचरा वापस करने पर उसे रुपये वापस मिल जाएंगे। उनका प्रयास होगा कि चाय से लेकर पूरा पैकेज तैयार कर पर्यटक को दिया जाए। इसके लिए प्रयास किये जा रहे है।

समारोह में एसपी सभाराज यादव ने कहा कि जंगल तो हमारा नेचुरल अवार्ड है। आज स्थिति यह हो रही कि किसी किसी गांव में एक भी वृक्ष नहीं है। शहरों की बात तो दूर है। मानव जीवन और जंगल पर घंटों व्याख्यान दिया जा सकता है। हमें यह प्रयास करना है कि ईको पर्यटन को किस तरह मुफीद बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आनंद की तलाश में आदमी हमेशा रहता है, यह आनंद उसे जंगल में मिल सकता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व अद्वितीय बनेगा। इससे यहां असीम रोजगार और विकास की संभावना है।

डीएम मासूम अली सरवर ने कहा कि ईको टूरिज्म के जरिये पीलीभीत का विकास की और अधिक संभावनाएं है। टाइगर रिजर्व में वन्यजीवों को देखकर आनंद की अनुभूति होती है। कहा कि उन्होंने पहली बार टाइगर चिड़िया घर में देखा और खुले में पहली बार कान्हा में देखा, लेकिन जो पीलीभीत में आकर देखा तो वह तो अदभुत रहा। हम चाहते थे कि जिप्सी से जंगल की सफारी हो, वह अब पूरा हो गया है। अब पीलीभीत टाइगर रिजर्व नेट पर आ गया है। इससे पीलीभीत को एक नई पहचान मिलेगी। उन्होंने आग्रह किया कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व से पीलीभीत की पहचान हो इसके प्रयास किए जाने चाहिए।

समारोह में पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रभागीय वनाधिकारी कैलाश प्रकाश, सामाजिक वानिकी प्रभाग के प्रभागीय निदेशक आदर्श कुमार, उप प्रभागीय अधिकारी डीपी सिंह और केपी सिंह, सभी रेंजर आदि मौजूद रहे।

क्या है वैबसाइट में

पीलीभीत टाइगर रिजर्व की वैबसाइट को एनआईसी ने तैयार किया है। इसमें पीलीभीत टाइगर रिजर्व के चूका ईको टूरिज्म स्पॉट की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा दी गई है। इसमें अभी केवल चूका के विषय में ही जानकारी दी गई। इसके अलावा पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पाए जाने वाले वन्यजीवों की भी जानकारी दी गई है। आने वाले दिनों में मुस्ताफाबाद, बराही और महोफ वन विश्राम गृहों के एक सूट की भी बुकिंग की जाएगी।

पहले दिन गया बच्चों का दल

पीलीभीत टाइगर रिजर्व के पर्यटक सीजन के दिन न्यूरिया के जामिया किडस प्लेनेट एकेडेमी के 42 बच्चों का दल चूका के लिए रवाना हुआ। यह दल चार वाहनों से गया है। प्रत्येक वाहन में एक-एक गाइड भी गया है। दल को कचरा रखने के लिए झोले भी दिए गए है। इस दल में शामिल जहांआरा और अबु बकर जैसे बच्चे पहली बार जंगल देखने जाने के कारण काफी उत्साहित नजर आए।

 

 

As posted in Livehindustan.com

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