Roar for Tigers

पीलीभीत टाइगर रिज़र्व ने की बर्थडे पर सलमान से काले हिरण को बचाने की अपील

पीलीभीत टाइगर रिज़र्व ने की बर्थडे पर सलमान से काले हिरण को बचाने की अपील

Jan 2, 2016

सलमान खान को उनके 50वें जन्मदिन पर वन्यजीव अभयारण्य की तरफ से एक विशेष संदेश दिया गया है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व प्रशासन ने काले हिरण के संरक्षण में मदद करने के लिए स्टार खान को आमंत्रित किया है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रशासन का यह दावा है कि पीलीभीत में काला हिरण की एक बड़ी आबादी है जो एक लुप्तप्राय प्रजाति है। आपकी एक यात्रा या फिर आपके द्वारा किया गया एक रीट्विट @TigerReservePBT पीलीभीत में सैकड़ों वन्यजीव जन्तुओं को बचाने में मदद करेगा।

प्रभागीय वन अधिकारी कैलाश प्रकाश ने कहा, ‘हम चाहते हैं कि सलमान यहां के सुंदर जीव जन्तुओं की रक्षा की मदद से एक उदाहरण स्थापित करें। हम स्टार खान को पीलीभीत टाइगर रिजर्व का दौरा करने के लिए और बाघ, तेंदुआ, बारहसिंगा, काला हिरण और गंभीर रूप से संकटग्रस्त पक्षी जैसे बंगाल बस्टर्ड, गिद्ध और कई तरह के लुप्तप्राय प्रजातियों को देखने के लिए आंमत्रित करते हैं।

salman-khan-card_1451296571_1451296581_502x234

खान को अवैध शिकार के मामले में दोषी करार दिया गया था और उन्हें एक साल और पांच साल कैद की सजा सुनाई गई थी। भवाद में चिंकारा और जोधपुर के पास घोड़ा फार्म (मथानिया) में एक काला हिरण के अवैध शिकार के मामले में उन्हें सजा हुई थी। इसके बाद अभिनेता ने 2007 में राजस्थान हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था जिसके बाद उनकी सजा पर रोक लगा दी गई थी।

हालांकि, इस साल जनवरी में सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाई कोर्ट के आदेश को खारिज करने के बाद खान को झटका लगा था। खान के अलावा, अभिनेता सैफ अली खान, सोनाली बेंद्रे, तब्बू और नीलम पर भी फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की जोधपुर के पास शूटिंग के दौरान अवैध शिकार का आरोप लगा था।

पीलीभीत में काले हिरण की एक उत्साहजनक आबादी है लेकिन यहां अत्यधिक लुप्तप्राय प्रजातियों के संरक्षण के लिए सरकार द्वारा कोई खास उपाय नहीं देखे गए हैं। यहां ऐसी कई घटनाएं हो चुकी हैं जिसमें जंगली कुत्तों द्वारा काले हिरण मार दिए जाते हैं या फिर वे पहियों के नीचे कुचल दिए गए।

हाल ही में किए गए एक सर्वे के मुताबिक ललोरी खेरा के घास के मैदानों में 78 से ज्यादा काला हिरण मौजदू पाए गए और जहानाबाद में भी इनकी मौजूदगी देखी गई क्योंकि यहां साल भर पानी की उपलब्धता के रहती है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, काले हिरण यहां घास चरने आते हैं और कीटनाशकों के अधिक उपयोग के कारण उनके अस्तित्व पर खतरा बना हुआ है।

 

 

 

 

 

 

As posted in Navbharattimes.indiatimes.com

468 ad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *