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पीलीभीत टाइगर रिजर्व के लिए हलचल बढ़ी

पीलीभीत टाइगर रिजर्व के लिए हलचल बढ़ी

Mar 5, 2014

पीलीभीत : पीलीभीत को टाइगर रिजर्व घोषित करने के लिए राजधानी लखनऊ में एकाएक गतिविधियां तेज हो गईं। आनन-फानन सभी औपचारिकताएं पूरी करके पत्रावली को राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण नई दिल्ली के पास संस्तुति के लिए भेजा गया है। संस्तुति मिलते ही सरकार पीलीभीत टाइगर रिजर्व घोषित होने संबंधी अधिसूचना जारी कर देगी। तराई के इस जिले को टाइगर रिजर्व बनाने के प्रयास तो काफी समय से चल रहे थे। अलबत्ता इसमें तेजी तब आई, जब पिछले साल यहां की तत्कालीन जिलाधिकारी अदिति सिंह ने वन विभाग के अफसरों से टाइगर रिजर्व का प्रस्ताव फिर से बनवाकर शासन को भेजा। मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव का अनुमोदन करने के साथ ही निर्देश दिए कि जंगल के आसपास स्थित सभी ग्राम पंचायतों में खुली बैठकें कराकर इस प्रस्ताव पर उनकी लिखित सहमति प्राप्त कर ली जाए। इसके बाद अफसरों ने ग्राम पंचायतों की खुली बैठकें कराकर सहमति ले ली। पिछले हफ्ते उप्र सरकार के मंत्रिमंडल ने भी इस प्रस्ताव पर सहमति की मुहर लगा दी थी। जंगल के अंदर वन्य जीव विहार के लिए कोर एरिया एवं बफर जोन एरिया का निर्धारण पहले ही हो चुका है। मंगलवार को लखनऊ में एकाएक इस मामले को लेकर सक्रियता बढ़ गई। वन विभाग के आला अफसरों की मौजूदगी में टाइगर रिजर्व की पत्रावली को पूर्ण किया गया। इस तैयारी के लिए जिले से भी वन विभाग के अफसरों को लखनऊ बुला लिया गया। मूल प्रस्ताव, ग्राम पंचायतों की सहमति एवं मंत्रिमंडल की स्वीकृति सबंधी सभी दस्तावेज एकत्र कर शासन के माध्यम से प्रस्ताव को संस्तुति के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के पास भेज दिया गया है। प्राधिकरण की संस्तुति मिलते ही सरकार पीलीभीत टाइगर रिजर्व की अधिसूचना जारी कर देगी। सरकार का प्रयास है कि लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले ही पीलीभीत टाइगर रिजर्व की अधिसूचना जारी हो जाए। क्योंकि आदर्श आचार संहिता लागू हो जाने के बाद अधिसूचना जारी होने में अड़चन आ सकती है।

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