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पीलीभीत के जंगल में हैं हिरन की छह प्रजातियां

पीलीभीत के जंगल में हैं हिरन की छह प्रजातियां

Oct 8, 2014

पीलीभीत : तराई के इस जिले को कुदरत ने प्राकृतिक वन और वन्य जीवों से नवाजा है। यहां के जंगल में राष्ट्रीय पशु बाघ से लेकर राष्ट्रीय पक्षी मोर और राज्य पक्षी सारस भी काफी संख्या में पाए जाते हैं। हिरन की छह प्रजातियों के साथ ही कई दुर्लभ प्रजाति के वन्य जीवों की भी यहां के जंगलों में मौजूदगी प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित करती है। अभी हाल में ही पीलीभीत टाइगर रिजर्व बनने के बाद वन्य जीवों की सुरक्षा एवं सरंक्षण के लिए जनजागरुकता अभियान चलाया जा रहा है। जिले के 71 हजार 288 हेक्टेयर क्षेत्रफल में प्राकृतिक जंगल है। जंगल में कीमती जड़ी बूटियों से संबंधित वनस्पतियों के साथ ही साल और सागौन के ऊंचे ऊंचे वृक्ष पर्यटकों का मन मोह लेते हैं। राष्ट्रीय पशु बाघ का यहां प्राकृतिक वातावरण में संव‌र्द्धन हो रहा है। एक दशक पूर्व तक यहां के जंगलों में बाघों की कुल संख्या 31 थी लेकिन वर्ष 2010 में 42 बाघ होने की पुष्टि हुई है। अभी नए परिणाम नहीं आए हैं लेकिन वन विभाग के अफसरों की मानें तो बाघों की संख्या में और वृद्धि हुई है। जून में ही सरकार ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व की अधिसूचना जारी कर दी। इसके कुछ दिन पहले ही यहां के जंगलों को वन्य जीव विहार घोषित किया गया। यहां के जंगलों में हिरन की छह प्रजातियां पाई जाती हैं। इसके अलावा तेंदुआ, भालू और जंगली बिल्ली समेत तमाम तरह के वन्य जीवों का जंगल में वास है। अब पीलीभीत टाइगर रिजर्व बन जाने के बाद पर्यटन के क्षेत्र में और अच्छी प्रगति की संभावनाएं बढ़ गई हैं।

Photo Courtesy – wwfindia.org

 

पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश के मुताबिक पीलीभीत के जंगलों में वन्य जीवों की भरमार है। वातावरण अनुकूल होने की वजह से वन्य जीवों की संख्या में लगातार बढ़ोत्तरी हुई है। इनकी सुरक्षा और संरक्षण के प्रति आम लोगों को जागरुक करने के लिए ही वन्य जीव सप्ताह के अंतर्गत रथयात्रा निकालकर संदेश दिया जा रहा है। विश्व प्रकृति निधि यानी wwf के प्रोजेक्ट अधिकारी नरेश कुमार ने बताया कि यहां का प्राकृतिक जंगल वन्य जीवों के मामले में बहुत धनी है। बाघों के लिए वातावरण अनुकूल है। ऐसे में बाघ समेत दूसरी प्रजातियों के वन्य जीवों को उचित संरक्षण एवं सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है। इस दिशा में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ लगातार कई वर्षो से वन विभाग का सहयोग कर रहा है।

हरीपुर रेंज पहुंची वन्य जीव रथयात्रा

वन्य जीव संरक्षण सप्ताह के अंतर्गत निकाली जा रही रथयात्रा हरीपुर रेंज कार्यालय परिसर में पहुंची तो तमाम ग्रामीणों ने उसका स्वागत किया। यहां हुई गोष्ठी में ग्रामीणों का आह्वान किया गया कि जंगल और वन्य जीवों को बचाने के प्रति वे अपनी प्रभावी भूमिका निभाएं। जंगल और वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए ही पीलीभीत टाइगर रिजर्व बनाया गया है। इससे जंगल किनारे रहने बसे गांवों को कोई नुकसान नहीं होगा। प्रश्नोत्तरी के माध्यम से ग्रामीणों को जागरुक किया गया। फिल्म शो के जरिए उन्हें वन्य जीवों और जंगल के महत्व से परिचित कराया गया। कार्यक्रम में विश्व प्रकृति निधि के प्रोजेक्ट अफसर नरेश कुमार, उप परियोजना अधिकारी कन्हई लाल, रेंजर राम प्रताप सिंह, डिप्टी रेंजर सुभाष बाबू, करुणा नंदन पांडेय, ज्ञानी सिंह, प्रेम चंद मौर्य, राहुल कुमार, राकेश श्रीवास्तव आदि ने विचार व्यक्त किए।

 

As posted in Jagran.com

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