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पीलीभीत बनेगा यूपी का मिनी गोवा !

पीलीभीत बनेगा यूपी का मिनी गोवा !

Apr 3, 2014

पीलीभीत: रुहेलखंड के तराई में बसे पीलीभीत का स्वरूप बेहद मनोहर है। यहां मैदानों की आधुनिकता भी है तो पहाड़ के से मौसम की कशिश भी। यही वजह है कि कुछ साल पहले जब उत्तराखंड बनाने के लिए आंदोलन हुए तब पीलीभीत को भी उत्तराखंड में शामिल कराने की मांग उठी थी। यहां पूरनपुर के नैसर्गिक मनोरम दृश्य के रुप में मशहूर चूका का अपना ही नैसर्गिक रंग-रूप है। सैलानियों की आमद से यहां के गेस्ट हाउस गुलजार रहते हैं। यहां रमणीय वाइफरकेशन की झील है तो वहीं शारदा जलाशय का सरोवर भी है, जिसमें अथाह जल प्रवाह समंदर की लहरों का एहसास कराता है। रमणीयता के लिहाजा से पीलीभीत जिले में यह एकमात्र ऐसा स्थल है, जहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। यहां की मनोरम छठा हर किसी को अपनी ओर खींचती है। पेड़ों पर बने मचान और मकान तथा समंदर जैसे जलाशय का भव्य रूप हर किसी को बरबस अपनी ओर आकर्षित करता है। जंगल के किनारे स्थित शारदा सागर डैम भी पर्यटकों को लुभाता है।

चूका का रमणीय स्थल 14 किलोमीटर तक जंगल में फैला हुआ है। यहां विलुप्त प्रजाति के वन्य जीव जंतुओं की आमद तो है ही प्रकृति की आबोहवा भी सुहानी है। यहां शारदा सागर बांध भी है, जहां बनबसा बैराज से सीधे पानी आता है। शारदा सागर से तीन नदियां और तीन नहरें निकली हैं। इनके चलते यह इलाका काफी मनोरम लुक देता है। महोफ वन रेंज में स्थित ईको टूरिज्म स्पॉट चूका बीच की स्थापना काफी समय पहले हुई थी। शुरुआती दौर में कुछ हटें बनवाई गई थीं। चूका बीच पर ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए अरण्य विहार, नेचर इंटरप्रिटेशन सेंटर, ट्री-हट व वॉटर हट का निर्माण कराया गया है। पर्यटक इन चीजों की तारीफ करना नहीं भूलते। जंगल में लुप्त प्रजाति के मिलते हैं वन्य जीव आरक्षित जंगल में लुप्त प्राय बाघ, गुलदार, बंगाल फ्लोरिकन, हिस्पिडहियर, कैटफिश, जंगली बिल्ली, सियार, लोमड़ी, बिज्जू, भालू, नीलगाय, काला हिरन, सांभर, काकड़, पाड़ा, चीतल, बारहसिंघा, जंगल सुअर, खरगोश, बंदर, लंगूर, लकड़बग्गा, ऊदबिलाब आदि वन्य जीव पाए जाते हैं।

सरकार ने बनाई योजना

यूपी के लोगों को अब अपने प्रदेश में ही गोवा का लुत्फ मिलेगा। सरकार ने पीलीभीत की पूरनपुर तहसील के चूका इलाके को मिनी गोवा के रूप में विकसित करने का मास्टर प्लान बनाया है। इसके तहत गेस्ट हाउस, कॉटेज, स्वीमिंग पूल, रैंप, ऑडीटोरियम, मोटर बोट आदि के साथ ही अस्पताल व सुरक्षा की व्यवस्था भी होनी है। चूका में भी वह सब मिलेगा, जो गोवा व दूसरे पयर्टन स्थलों पर मिलता है। इस महत्वाकांक्षी योजना की जिम्मेदारी वन और पर्यटन विभाग को सौंपी गई है। इस प्रोजेक्ट का प्रस्ताव बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री योगेश प्रताप सिंह ने प्रदेश सरकार को दिया है।

पैदा होगी 40 मेगावाट बिजली

चूका से तीन कमी दूरी पर एक विद्युत उत्पादन केंद्र खोले जाने को भी सिफारिश की गई है। वहां पर एक बफर कंटेनर हैं, जहां पर प्रतिदिन चार लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज होता है। इससे विद्युत उत्पादन की संभावनाएं खोजी गई हैं। यहां पर 40 मेगावाट बिजली बनाने के लिए प्लांट लगाने की भी तैयारी है। इसके लिए पॉवर कारपोरेशन को सरकार की ओर से निर्देश दिए गए हैं। इससे चूका इलाके में विकास कायरें को भी मजबूती मिलेगी।

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2 comments

  1. I also belong to Pilibhit and I had visited this place but the route to this place is vary bad and reads are damaged but the place “CHUKA” is very beautiful. When it will be a mini Goa please tell me? how much time it will take?

  2. Wow!!!! nice article!!!!!

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