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पीलीभीत टाइगर रिज़र्व रेशम विभाग से वापस लेगा ज़मीन

पीलीभीत टाइगर रिज़र्व रेशम विभाग से वापस लेगा ज़मीन

Aug 26, 2014

पीलीभीत : रेशम विकास विभाग जंगल की जिस जमीन पर शहतूत की खेती कराकर रेशम कीट पालन को बढ़ावा देने में जुटा है, वह जमीन वन विभाग अब जल्द ही वापस लेगा। पीलीभीत टाइगर रिजर्व बन जाने की वजह से अब जंगल के अन्य रेशम विभाग के दखल को खत्म करने की तैयारी कर ली गई है। कई साल पहले जिले में रेशम उद्योग को बढ़ावा देने के लिए बराही एवं हरीपुर रेंज के जंगलों में खाली पड़ी बाइस हेक्टेयर जमीन रेशम विकास विभाग को आवंटित कर दी गई थी। इस जमीन पर शहतूत की खेती कराकर रेशम कीट पालन को बढ़ावा देने का कार्य विभाग की ओर से कराया जाता रहा है। 22 हेक्टेयर जमीन पर शहतूत की नर्सरी तैयार कराने के बाद कीट पालन से जुड़े किसानों को पौधे वितरित किए जाते रहे हैं। शहतूत के इन पौधों को चयनित किसान अपने खेतों की मेड़ अथवा खाली पड़ी अन्य भूमि पर लगाकर रेशम कीट पालन एवं कोया उत्पादन करते रहे हैं।

अब यहां के पूरे जंगल को पीलीभीत टाइगर रिजर्व घोषित कर दिया गया है। ऐसे में रेशम विकास विभाग जंगल के अंदर आवंटित भूमि पर शहतूत की नर्सरी तैयार कर और फिर उसे वहां से निकालकर चयनित किसानों को आवंटित नहीं कर सकेगा। टाइगर रिजर्व की वजह से जंगल में अब किसी अन्य प्रकार की गतिविधि पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया जाना है। इसीलिए वन विभाग ने रेशम विकास विभाग को दी गई अपनी जमीन वापस लेने का निर्णय लिया है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश के अनुसार बराही व हरीपुर रेंज में रेशम विभाग को कुल 22 हेक्टेयर जमीन आवंटित हुई थी लेकिन अब इसे वापस ले लिया जाएगा। क्योकि टाइगर रिजर्व एरिया में किसी प्रकार की गतिविधि की पूरी तरह मनाही है। जमीन वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभाग के इस निर्णय की जानकारी रेशम विकास विभाग के अधिकारियों को भेज दी गई है।

 

 

As posted in Jagran.com

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