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पीलीभीत बना देश का 45 वां टाइगर रिवर्ज

पीलीभीत बना देश का 45 वां टाइगर रिवर्ज

Mar 12, 2014

पीलीभीत : तराई के जंगल को टाइगर रिजर्व घोषित करने की कवायद पर विराम लगाते सरकार ने पीलीभीत को भारत का 45 वां टाइगर रिजर्व घोषित कर दिया है। उत्तर प्रदेश में दुधवा नेशनल पार्क और बिजनौर के अमनगढ़ के बाद पीलीभीत सूबे का तीसरे टाइगर रिजर्व बन गया है। आचार संहिता से पूर्व भारत सरकार और उत्तर प्रदेश शासन ने वन्य जीव बिहार की घोषणा के साथ ही टाइगर रिजर्व के प्रोजेक्ट को भी स्वीकृति प्रदान कर दी है। मंगलवार को डीएफओ राजीव मिश्रा ने प्रेस कांफ्रेंस में टाइगर रिजर्व की घोषणा की जानकारी दी। उन्होंने का कि जंगल की सभी गतिविधियां वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 से जुड़ जाएंगी। जंगली जीवों के संरक्षण और संव‌र्द्धन के लिए भारत सरकार बजट उपलब्ध कराएगी। कोर एरिया (बाघों का निवास क्षेत्र और जंगल का अंदरूनी हिस्से) में इंसानों की आवाजाही बंद हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अब वन्य जीवों के संरक्षण के लिए संसाधनों की कोई कमी आड़े नहीं आएगी। संसाधनों की सूची तैयार की जा रही है। रिजर्व की सीमा तय कर दी गई हैं। जिसमें माला, महोफ, बराही, हरीपुर, दियोरिया टाइगर रिजर्व का भाग होंगे। जंगल का 60279.80 क्षेत्रफल शामिल है। उत्तरी सीमा बनकटी मार्ग से महोफ और उत्तराखंड बाउंड्री पिलर संख्या 17 व भारत नेपाल सीमा पर पिलर संख्या 17 से 25 तक है। पूरब में भारत नेपाल सीमा से ढक्का वन ब्लॉक तक, दक्षिण में दियोरिया रेंज और पश्चिम में बनकटी तक इसकी सीमा रहेगी। जंगल के सारे रास्तों को बंद किया जाएगा। चारों सीमाओं पर अंदरूनी मार्गो को चिन्हित किया जाएगा। ताकि जंगल में एंट्री पर रोक लगाई जा सके। जंगल के अंदर होने वाले खुदान पटान, झाड़ी कटान आदि पर बैन रहेगा। इसके लिए विशेष रूप से वन कर्मियों को निर्देशित किया जाएगा। टाइगर रिजर्व की घोषणा के मुताबिक चूका कोर एरिया में पड़ता है। लिहाजा यहां आने वाले सैलानियों को अब चूका की मस्ती से महरूम रहना पड़ जाएगा। इसके लिए बाकायदा एक केस स्टडी कराई जाएगी। कितने लोग चूका का भ्रमण करते हैं। जंगल में प्रवेश द्वार तय किए जाएंगे। हर गेट से सीमित लोग ही प्रवेश कर सकेंगे। जंगल में इंसानी आमद पर पहरा लगने से बाघ जंगल के बाहर कम आ सकेंगे। इस तरह जंगल के आसपास के इलाकों में बाघों की दहशत खत्म होगी। उन्हें भोजन जंगल में ही मयस्सर हो सकेगा। टाइगर रिजर्व के बाद संसाधनों से महरूम महकमों ने अब इसकी लंबी फेहरिस्त बनाना शुरू कर दी है। पिंजड़ा, गाड़ी, रस्सी, सुरक्षा गार्ड, सुरक्षा चौकी, नाइट विजन कैमरा, वाटर होर्स। डीएफओ ने कहा कि सभी संसाधनों की सूची तैयार की जा रही है।

As posted in Jagran.com

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