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वनसंरक्षक ने मांगा जांच का विवरण

वनसंरक्षक ने मांगा जांच का विवरण

Aug 3, 2014

पीलीभीत : बरेली वृत्त के वन संरक्षक ने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वृक्षों के अवैध कटान एवं लकड़ी ले जाने वालों के बाबत पूरा वितरण उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। पूरा विवरण प्राप्त हो जाने के बाद ही निलंबित किए जा चुके अफसरों तथा कर्मियों को आरोप पत्र दिए जाएंगे। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल में वृक्षों के अवैध कटान और साइकिलों के माध्यम से विभिन्न मार्गो से लकड़ी ढोए जाने के बाबत जिला प्रशासन ने वन विभाग को जो रिपोर्ट भेजी है, उसमें यह कहीं भी नहीं दर्शाया गया कि जंगल में अवैध कटान किन रेंजों के कौन से कंपार्टमेंट में हुआ है। कटे हुए वृक्षों तथा साइकिलों से लकड़ी ले जा रहे लोगों की फोटो उपलब्ध कराई गई है। साइकिलों पर लकड़ी लादकर ले जाने वालों के नाम और पते भी रिपोर्ट में नहीं हैं।

स्थानीय अभिसूचना इकाई के माध्यम से कराई गई इस गोपनीय जांच की रिपोर्ट वन विभाग में पहुंचने के बाद एसडीओ, तीन रेंजरों, दो डिप्टी रेंजरों, पांच वन दरोगाओं तथा 11 वन रक्षकों को विभागीय उच्चाधिकारियों से प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए गत दिवस निलंबित कर दिया था। तत्कालीन डीएफओ इसी मामले में सबसे पहले निलंबित किए गए थे। इस कार्रवाई के बाद संबंधित अफसरों, कर्मियों को आरोप पत्र देने में विभागीय उच्चाधिकारियों के समक्ष समस्या यह आ गई है कि जो जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई, उसमें न तो यह स्पष्ट हो रहा है कि अवैध कटान किन रेंजों में कौन से कंपार्टमेंट में हुई है। साथ ही साइकिलों पर लकड़ी लादकर ले जाने वालों के नाम क्या हैं और वे किन स्थानों के रहने वाले हैं। इसलिए अब बरेली वृत्त के वन संरक्षक वीके चोपड़ा ने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को पत्र जारी करके जांच रिपोर्ट का पूरा विवरण उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। वन विभाग के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि जांच का पूरा विवरण मिलने के बाद ही निलंबित अफसरों, कर्मियों को आरोप पत्र दिए जाएंगे। उधर बड़ी संख्या में अफसरों कर्मियों के निलंबन के उपरांत पैदा हुई स्थिति की समीक्षा करने के लिए बरेली वृत्त के वन संरक्षक यहां पहुंचे। उन्होंने डीएफओ के साथ मंत्रणा की। इसके उपरांत जंगल में भ्रमण कर पेट्रोलिंग का जायजा लिया। वन संरक्षक ने निर्देश दिए कि जंगल की संपदा एवं वन्य जीवों की सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

गुरुवार को पूर्वाह्न यहां पहुंचे वन संरक्षक ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रभागीय कार्यालय में डीएफओ कैलाश प्रकाश एवं अन्य अफसरों के साथ मौजूदा हालात पर मंत्रणा की। इसके उपरांत वह डीएफओ के संग जंगल में स्थित मुस्तफाबाद गेस्टहाउस पहुंचे। वहां पर विभागीय कर्मियों की बैठक लेकर निर्देश दिए कि वन संपदा एवं वन्य जीवों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। जंगल के प्रत्येक क्षेत्र में लगातार पेट्रोलिंग होनी चाहिए। लकड़ी चोरों व शिकारियों की जंगल में घुसपैठ बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। यदि किसी क्षेत्र में शिकार हो जाता है तो संबंधित बीट के कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वन संरक्षक वीके चोपड़ा ने कहा कि कर्मचारी अपनी पूरी क्षमता से जंगल की सुरक्षा के प्रति मुस्तैद रहें। बाद में उन्होंने सामाजिक वानिकी प्रभाग के निदेशक रामेश्वर राय के साथ पूरनपुर क्षेत्र में विकसित की गई हरित पंट्टी का भी निरीक्षण किया।

 

 

As posted in Jagran.com

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