Roar for Tigers

बाघों में बादशाहत की जंग है टेरीटोरियल फाइट

बाघों में बादशाहत की जंग है टेरीटोरियल फाइट

Oct 30, 2014

पीलीभीत : शक्ति को दर्शाने और अपना क्षेत्र कायम करने के लिए दो नर बाघों के बीच होने वाले संघर्ष और टकराव को टेरीटोरियल फाइट कहा जाता है। इसके अलावा मादा बाघ के सामने खुद को बेहतर और बलवान साबित करने के दौरान भी नर बाघों के बीच टकराव होता है। इस फाइट में एक बाघ की मौत तय मानी जाती है। बाघ इसके बाद अपनी बादशाहत के निशान पेड़ों पर भी अंकित कर देता है। महोफ रेंज में अवयस्क बाघ की मौत के पीछे अधिकारी टेरीटोरियल फाइट को मान रहे हैं। वास्तव में यह फाइट क्या है इसको जानने वाले इस मौत पर सवाल उठा रहे हैं। जंगल में टेरीटोरियल फाइट होने के दो पहलू होते हैं जिस आधार पर अवयस्क बाघ की मौत नहीं हो सकती है। जंगल में बाघ अपना क्षेत्र निर्धारित करता है। बाघों में खुद की शक्ति का प्रदर्शन करने के लिए दूसरे बाघ के साथ टकराव को टेरीटोरियल फाइट का नाम दिया गया हैं। इसमें एक बाघ की मौत हो जाती है। बाघों में यह लड़ाई दो प्रकार की होती है।

एक में बाघ अपना क्षेत्र कायम करता है। इसके लिए रास्ते के किनारों पर कोमल पेड़ पर पंजे से प्रहार कर निशान बना देता है। संदेश दिया जाता है कि इस क्षेत्र में कोई दूसरा नहीं आएगा। यदि दूसरा आता है तो उसके लिए चुनौती होती है कि ऊंचाई पर अपना निशान बनाए। कुछ दिन बाद यदि निशान दूसरे के पाए जाते हैं तो समझा जाता है कि उसने युद्ध के लिए ललकारा है। इसके बाद दोनों में संघर्ष होता है। दूसरा कारण बाघिन होती है। दो नर बाघों में खुद को योग्य साबित करने के लिए इसका ऐलान होता है। इस लड़ाई में एक की मौत हो जाती है। अवयस्क बाघ की मौत के पीछे दोनों में कोई कारण वन्यजीव प्रेमी नहीं मान रहे हैं। पीलीभीत टाइगर रिर्जव में इस तरह की फाइट कई साल बाद सामने आई है।

क्या कहते हैं वाइल्ड लाइफ से जुड़े लोग

पूरनपुर: टरक्वाइज बाघों के आवासों में कमी के चलते टेरीटोरियल फाइट में कमी आई है। हरीपुर रेंज में जब 2012 में दो नर बाघों की एक स्थान पर हत्या की गई थी तो ऐसा लगा था कि शेर की तरह और महाराष्ट्र के तड़ोवा टाइगर रिजर्व में एक साथ रहने वाले बाघों की भांति यहां हो रहा है। महोफ में भी एक साथ पूरा परिवार रहता था लेकिन किस स्थित में ऐसा हुआ पता नहीं।

 

As posted in Jagran.com

468 ad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *