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मोबाइल पर शिकारियों से बात करते थे पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के वन कर्मी

मोबाइल पर शिकारियों से बात करते थे पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के वन कर्मी

Feb 5, 2015

पीलीभीत : नेपाल में बाघ की खाल और हड्डी बरामद होने के बाद शिकारियों पर कार्रवाई करने के साथ ही अधिकारियों ने अब कर्मियों पर भी कार्रवाई शुरू कर दी है। शिकारियों से बात किए जाने की मोबाइल कॉल डिटेल में पुष्टि होने पर बराही के वन दरोगा और नवदिया वीट के वन रक्षक को डिवीजन से अटैच किया गया है। इस कार्रवाई से कर्मियों में खलबली मची हुई है। बीते माह नेपाल में बाघ की खाल और हड्डी के साथ पकड़े गए शिकारियों से अन्य लोगों की जानकारी होने टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने एक दर्जन से अधिक लोगों को जेल भेजा था। अभी इसमें कार्रवाई जारी है। उधर एसटीएफ ने शिकार के इस मामले में वन कर्मियों की संलिप्तता की भी आशंका जताई थी। टीम ने शिकारियों से मिले मोबाइल फोन को सर्विलांस पर लगाया था और उसकी डिटेल निकलवाई जा रही थी।

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डिटेल में टीम की आशंका सच साबित हो गई और वन कर्मियों की मिली भगत पाई गई है। पुष्टि होने पर अधिकारियों ने बराही के वन दरोगा शिवपाल सिंह और नवदिया के वनरक्षक सियाराम को डिवीजन कार्यालय से अटैच किया है। इससे पहले सभी से स्पष्टीकरण मांग गया था। अधिकारियों की इस कार्रवाई से टाइगर रिजर्व के कर्मियों में खलबली मची हुई है। पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश के मुताबिक वन कर्मियों की शिकारियों से बात होने की पुष्टि हुई है, दोनों को ही अटैच कर दिया है। यह गंभीर स्थिति है कि जिन के हवाले सुरक्षा है वही अगर गलत व्यवहार करेंगे तो दिक्कतें होगी। इस मामले में कड़ाई बरती जा रही है।

 

 

As posted in Jagran.com

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