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बगैर वेटनरी अस्पताल के है पीलीभीत टाइगर रिजर्व

बगैर वेटनरी अस्पताल के है पीलीभीत टाइगर रिजर्व

Mar 16, 2015

पीलीभीत : दस महीने पुराने पीलीभीत टाइगर रिजर्व में वेटनरी अस्पताल तक नहीं खुल सका है। ऐसे में घायल वन्यजीवों के इलाज कराने व मृत वन्यजीवों के पोस्टमार्टम कराने में वन कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कभी कभार पशु अस्पताल पोस्टमार्टम करने से हाथ खड़े कर देता है। इस दिशा में कोई प्रयास नहीं किए गए। राज्य सरकार ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व को दस महीने पहले घोषित किया गया था। पहला पर्यटन सीजन मनाया जा रहा है। टाइगर रिजर्व की पांचों रेंजों में लुप्तप्राय बाघ, हिरन, चीतल, सांप, बंगाल फ्लोरिकन आदि वन्यजीवों का स्वच्छंद विचरण होता है।

जंगल में वन्यजीवों के घायल होने अथवा मृत वन्यजीवों का पोस्टमार्टम कराने की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में वन कर्मचारियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पिछले दिनों सामाजिक वानिकी प्रभाग के शिवनगर गांव के पास नहर से मिले चीतल के शव का पोस्टमार्टम करने से सदर पशु अस्पताल ने इनकार कर दिया था। इससे पहले भी कई बार ऐसा हो चुका है। इसके बाद बरेली के आईवीआरआई में पोस्टमार्टम कराया गया। इस वजह से टाइगर रिजर्व क्षेत्र में वेटनरी अस्पताल की जरूरत बढ़ गई है। इस दिशा में टाइगर रिजर्व प्रशासन को कदम उठाने चाहिए। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रभागीय वनाधिकारी कैलाश प्रकाश ने बताया कि अभी वेटनरी अस्पताल खोलने की कोई योजना नहीं है। फिलहाल शासन से पशु चिकित्सा अधिकारियों की डिमांड की जाएगी। अगर पशु चिकित्सा अधिकारी तैनात हो जाएंगी, तो आसानी हो जाएगी। अभी घायल वन्यजीवों का समीप के पशु अस्पताल भिजवाया जाता है।

 

 

As posted in Jagran.com

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