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पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में पर्यटन प्वाइंट सीमित, कैसे बढ़ेगा टूरिज्म

पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में पर्यटन प्वाइंट सीमित, कैसे बढ़ेगा टूरिज्म

Feb 20, 2015

पीलीभीत : पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल में पर्यटन प्वाइंट सीमित होने की वजह से टूरिज्म को बढ़ावा नहीं मिल पा रहा है। सिर्फ चूका बीच, सप्तसरोवर, वाइफरकेशन प्रमुख स्थल हैं। जहां प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लिया जा सकता है। इसके अलावा अन्य पर्यटन प्वाइंट विकसित करने की दिशा में कोई प्रयास नहीं किए गए। नौ जून 2014 को पीलीभीत जंगल को टाइगर रिजर्व घोषित किया गया। इसके बाद नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथॉरिटी के सदस्य सचिव ने जंगल का भ्रमण कर हकीकत परखी थी। टाइगर रिजर्व में पर्यटकों के घूमने के लिए महोफ रेंज में चूका बीच, वाइफरकेशन, बराही रेंज में सप्तसरोवर पर्यटन स्पॉट हैं। अमूमन यहां आने वाले पर्यटक इन्हीं पर्यटन प्वाइंटों पर ही घूमकर एक दिन में ही चले जाते हैं। ऐसे में पर्यटकों को प्रकृति का आनंद बेहतर ढंग से नहीं मिल पाता है। टाइगर रिजर्व क्षेत्र में सीमित संख्या में पर्यटन प्वाइंट होने की वजह से पर्यटकों को निराशा होती है। जंगल क्षेत्र के समीप पर्यटन स्थल डेवलेप करने से पर्यटकों की आमद में इजाफा होगा। पर्यावरणविदो के मुताबिक, पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए पूरनपुर रोड स्थित गढ़ा वन चेतना केंद्र को विकसित किया जा सकता है। यहां पर आसानी से वाहनों से पहुंचा जा सकता है। बराही कोठी व नवदिया कोठी के समीप दलदली जमीन होने की वजह से डियर बहुतायत में पाए जाते हैं, जो पर्यटकों को लुभा सकते हैं। लग्गा भग्गा वन क्षेत्र को भी पर्यटन से जोड़ा जा सकता है। टाइगर रिजर्व के प्रभागीय वनाधिकारी कैलाश प्रकाश के मुताबिक, टाइगर रिजर्व में मौजूदा प्वाइंटों पर ही घूमने की इजाजत है। अभी नए प्वाइंट के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। पर्यटकों के लिए चूकाबीच ईको टूरिज्म स्पाट पर ठहरने की सुविधा है। जलपान को कैंटीन की सुविधा है।

विकसित हों प्वाइंट जिम

सेव इनवायरंमेंट वेलफेयर सोसाइटी के सचिव टीएच खान के मुताबिक कॉर्बेट रिजर्व और दुधवा टाइगर रिजर्व से जिले के जंगल की सीमाएं छूती हैं। अगर पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पर्यटन प्वाइंट और विकसित कर लिए जाएं, तो यहां आने वाले पर्यटकों को काफी कुछ देखने को मिलेगा। महोफ रेंज में गैंडा परियोजनाएं लागू हो रही हैं। इससे पर्यटन को रफ्तार मिलेगी। टूरिज्म ट्रैंगुल बनाकर ही टूरिज्म को रफ्तार भरी जा सकेगी।

 

As posted in Jagran.com

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