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किदवई साहब, यहां तो महफूज नहीं वन्यजीव

किदवई साहब, यहां तो महफूज नहीं वन्यजीव

May 13, 2015

पीलीभीत : प्रदेश के वन राज्य मंत्री फरीद महफूज किदवई ने दो दिन से जंगल में डेरा डाल रखा है। इधर, लगातार वन्यजीवों के मिल रहे शव को लेकर एक बार उनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन हकीकत तो यह है कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व की बराही रेंज का हरदोई ब्रांच नहर क्षेत्र वन्यजीवों के लिए डेथ जोन बन गया है। इस क्षेत्र में वन्यजीव आने के बाद जिंदा नहीं बच पा रहे हैं। ऐसा एक माह के भीतर वन्यजीवों के साथ हुआ है। मगर टाइगर रिजर्व प्रशासन ने सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं। बराही रेंज के घनघोर जंगल के बीच हरदोई ब्रांच नहर गुजरती है। पानी की कल कल करती जलधारा लोगों को बरबस अपनी ओर आकर्षित करती है। जंगली वन्यजीव अपनी प्यास बुझाने के लिए नहर और तालाबों का सहारा लेते हैं। मगर अप्रैल महीने से लेकर अब तक हरदोई ब्रांच नहर वन्यजीवों के लिए काल बन गई है। यह क्षेत्र वन्यजीवों के लिए डेथ जोन बन गया है।

-File Photo

 

23 अप्रैल को हरदोई ब्रांच नहर से पांच साल के जवान बाघ का शव बरामद हुआ था। एक पखवारा बाद इसी नहर की झाल से चीतल के दो शव बरामद किए गए। ऐसा लगता है कि हरदोई ब्रांच नहर क्षेत्र के वन्यजीवों पर शिकारियों की कुद़ष्टि पड़ गई है। नहर किनारे आने वाले वन्यजीव की मौत निश्चित हो जाती है। ऐसा कुछ मौतों से स्पष्ट भी हो चुका है। मगर बाघ समेत तीन मौतों के बाद भी टाइगर रिजर्व प्रशासन ने हरदोई ब्रांच नहर क्षेत्र में सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था के लिए कोई कठोर कदम नहीं उठाए हैं। इधर, टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश के मुताबिक, जंगल क्षेत्र में पूरी सुरक्षा बरती जा रही है।

 

As posted in Jagran.com

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