Roar for Tigers

विकास की ‘सड़क’ से दूर है पीलीभीत टाइगर रिज़र्व का चूका बीच

विकास की ‘सड़क’ से दूर है पीलीभीत टाइगर रिज़र्व का चूका बीच

Feb 24, 2015

पीलीभीत : पीलीभीत टाइगर रिजर्व घोषित हुए नौ महीने का समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक ईको टूरिज्म चूका बीच व वाइफरकेशन तक पहुंचने के लिए अच्छी सड़कों का अभाव है। सड़कों में गहरे गड्ढे होने की वजह से टूरिस्टों को खासी परेशानी होती है। इस वजह से टूरिस्ट आरामदायक भ्रमण नहीं कर पा रहे हैं। इस दिशा में विभागीय अफसर कोई कदम नहीं उठा रहे हैं। नेपाल सीमा से सटे पीलीभीत जंगल को राज्य सरकार ने विगत नौ जून 2014 को टाइगर रिजर्व घोषित किया था। जंगल क्षेत्र में ईको टूरिज्म स्पॉट चूका बीच, सप्तसरोवर व वाइफरकेशन का भ्रमण किया जा सकता है। इन स्थानों तक पहुंचने के लिए पूरनपुर-खटीमा, पीलीभीत से माधोटांडा व पीलीभीत से बनकटी सड़क है। ये सड़क मौजूदा समय में जर्जर हालत में पड़ी हुई है। इन सड़कों में गहरे गड्ढे बन गए हैँ, जिसमें दुपहिया वाहन फंसकर पलट जाते हैं। इन सड़कों के निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए। मौजूदा समय में टाइगर रिजर्व तक पहुंचने के लिए टूरिस्टों को गड्ढों में होकर गुजरना पड़ रहा है। जर्जर रोड होने की वजह से समय भी काफी खर्च होता है। गड्ढों की वजह से टूरिस्टों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बीते साल ग्रामीण अभियंत्रण सेवा विभाग ने पीलीभीत-माधोटांडा रोड की मरम्मत शुरू कराई थी, लेकिन बजट के अभाव में कार्य बंद कर दिया गया। तीनों सड़कें ग्रामीण अभियंत्रण सेवा, लोक निर्माण विभाग व जिला पंचायत के अधीन हैं। मगर निर्माण एजेंसियों की ओर से कोई खास पहल नहीं की गई है।

101988130

पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश के मुताबिक टाइगर रिजर्व से गुजरने वाली सड़कों की मरम्मत कराने के लिए तीनों निर्माण एजेंसियों को प्रस्ताव बनाकर भेज दिया गया है। मगर अभी तक निर्माण एजेंसियों ने जर्जर सड़क मरम्मत कराने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाए हैं। जर्जर सड़क होने की वजह से जंगल भ्रमण पर आने वाले टूरिस्टों को दिक्कत होती है। इन सड़कों को बनवाने के लिए प्रयास किए जाएंगे। वहीं ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के ईई नीरज कुमार सिंघल का कहना है कि माधेाटांडा सड़क बनवाने में बजट आड़े आ रहा है। दो करोड़ की धनराशि का प्रस्ताव बनाकर यूपीआरआरडीए को भेजा गया था, जिसमें से 50 लाख की अनुमति मिली है। मगर धनराशि रिलीज नहीं हुई है। इस संबंध में यूपीआरआरडीए को कई रिमाइंडर भेजे गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। बजट रिलीज कराने की दिशा में कार्रवाई की जाएगी।

 

 

As posted in Jagran.com

 

468 ad

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *