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जंक्शन पर टाइगर रिज़र्व के बोर्ड लगाने की ज़हमत तक नहीं उठाई प्रशासन ने

जंक्शन पर टाइगर रिज़र्व के बोर्ड लगाने की ज़हमत तक नहीं उठाई प्रशासन ने

Jul 21, 2015

पीलीभीत : पीलीभीत टाइगर रिजर्व के गठन के एक साल बाद भी रेलवे जंक्शन पर बाघ के चित्र वाले बोर्ड नहीं लग सके हैं, जिससे यहां घूमने आने वाले पर्यटकों को टाइगर रिजर्व के बारे में जानकारी नहीं मिल पा रही है। इससे पर्यटकों को परेशानी होती है। तराई क्षेत्र का पीलीभीत टाइगर रिजर्व नौ जून 2014 को धरातल पर आया था। टाइगर रिजर्व अपनी पहली वर्षगांठ भी मना चुका है। मगर अभी तक सार्वजनिक स्थानों रेलवे जंक्शन, रोडवेज डिपो पर बाघ वाले बोर्ड नहीं लगवाए गए हैं। शहर में प्रवेश द्वार कहे जाने वाला आसाम चौराहा भी बोर्ड से महरूम है। जंक्शन जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर हर दिन हजारों की संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है। मगर एक अदद बाघ की फोटो वाले बोर्ड नहीं लगवाया जा सका है। बोर्ड न लगा होने की वजह से स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को टाइगर रिजर्व के बारे में नहीं मालूम हो पा रहा है। देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले पर्यटकों को जंगल पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। टाइगर रिजर्व की सुस्त रफ्तार पर्यटकों पर भारी पड़ रही है। प्रभागीय वनाधिकारी कैलाश प्रकाश का कहना है कि सभी स्थानों पर बोर्ड लगवाए जा रहे हैं। अगर जंक्शन पर नहीं लगा है, तो जानकारी की जाएगी।

डीआरएम सैलून में बना बाघ का चित्र

इज्जतनगर मंडल के डीआरएम के विशेष सैलून में बाघ का बड़ा चित्र बना हुआ है, जो सभी को अपनी ओर आकर्षित करता है। फोटो देखकर लोग तारीफ करते नहीं थकते हैं। निरीक्षण के दौरान रेलवे जंक्शन पर आए डीआरएम सैलून में देखने को मिला था।

As posted in Jagran.com
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