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पीलीभीत के जंगलों में अब स्वच्छंद नहीं घूम सकेंगे पर्यटक

पीलीभीत के जंगलों में अब स्वच्छंद नहीं घूम सकेंगे पर्यटक

Jul 13, 2014

पीलीभीत : टाइगर रिजर्व घोषित होने के बाद यहां के जंगलों में अब पर्यटक स्वच्छंद रूप से नहीं घूम सकेंगे। जंगल के जिस इलाके में वे जाना चाहेंगे, उसके लिए पहले से अनुमति लेनी पड़ेगी। तय रास्ते से जंगल में जाएंगे और फिर उसी रास्ते से पर्यटकों की वापसी हो सकेगी। जिस वाहन से पर्यटक जंगल में प्रवेश करेंगे, उस रास्ते में उन्हें गति भी सीमित रखनी पड़ेगी। साथ ही हार्न का इस्तेमाल भी नहीं होगा। यह बंदिश जंगल में रहने वाले वन्य जीवों की सुरक्षा के लिए तय की गई है। जिले में 71 हजार 288 हेक्टेयर क्षेत्रफल प्राकृतिक जंगलों से आच्छादित है। पूरा जंगल पांच रेंजों में विभाजित है। माला, महोफ, हरीपुर, बराही और दियोरिया रेंज पहले से ही बने हैं। अब दो नए रेंज बनाने की भी तैयारी हो रही है। यहां बाघों समेत दूसरे वन्य जीव बहुतायत में होने की वजह से ही शासन ने पहले यहां के जंगलों को वन्य जीव विहार घोषित किया।

बाद में पीलीभीत टाइगर रिजर्व बना दिया गया। अब जंगल और वन्य जीवों के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के नियम लागू हो गए हैं। जंगल में बगैर अनुमति प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। जंगल में घूमने के लिए आने वाले पर्यटकों को अनुमति लेनी होगी। जिस वाहन से वे जंगल में तय मार्ग से प्रवेश करेंगे, उस पर वाहन की रफ्तार बीस किमी से अधिक नहीं होनी चाहिए। साथ ही हॉर्न का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। रास्तों पर जगह-जगह बैरियर लगाकर निगरानी की व्यवस्था की जा रही है। पर्यटक जंगल में भ्रमण के दौरान ऐसी कोई सामग्री नही ले जा सकेंगे, जिससे प्रदूषण की आशंका रहे। पर्यटक जंगल के जिस एरिया में भ्रमण करना चाहेंगे। उस क्षेत्र में वाहन ले जाने का परमिट बनवाना होगा। जिस गेट से जंगल में जाएंगे, उसी से वापस लौटना पड़ेगा। ऐसा जंगल की सुरक्षा एवं वन्य जीवों के संरक्षण की वजह से किया जा रहा है। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डीएफओ डॉ राजीव मिश्रा ने कहना है कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व घोषित हो जाने के बाद यहां ईको टूरिज्म काफी बढ़ने की संभावना है। इसी के मद्देनजर व्यवस्थाएं तय की जा रही हैं। जंगल और बाघों समेत दूसरे वन्य जीवों की सुरक्षा सबसे अहम है। इसीलिए पर्यटकों के जंगल में प्रवेश के लिए मार्ग निर्धारित किए जा रहे हैं। वाहनों की स्पीड निर्धारित है और साथ ही हार्न बजाने पर प्रतिबंध रहेगा। एनटीसीए के नियमों का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित कराया जाएगा।

 

As posted in Jagran.com

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