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पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पर्यटन विभाग नहीं ले रहा रुचि

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पर्यटन विभाग नहीं ले रहा रुचि

Jun 18, 2015

पीलीभीत : पीलीभीत टाइगर रिजर्व में टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग रुचि नहीं ले रहा है, जिससे पर्यटकों को काफी परेशानी हो रही है। जंगल के अंदर ठहरने के लिए गेस्ट हाउस नहीं मिल पा रहे हैं। सीजन के दौरान कई पर्यटकों को निराशा ही हाथ लगी। अगर पर्यटन विभाग जंगल के अंदर टूरिस्ट हट बनवा दे, तो पर्यटकों को रुकने में काफी सहूलियत हो जाएगी। सपा सरकार ने नौ जून को पीलीभीत टाइगर रिजर्व घोषित किया था, जिसमें शाहजहांपुर जनपद का खुटार जंगल को शामिल किया गया। यह क्षेत्र टाइगर रिजर्व का बफर जोन में है। टाइगर रिजर्व अपना पहला स्थापना दिवस मना चुका है। जंगल के अंदर पर्यटन को बढ़ाने की दिशा में कोई खास प्रयास नहीं किए गए। सिर्फ टाइगर रिजर्व अपने संसाधनों को जुटाने में लगा हुआ है। नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथारिटी से करीब साढ़े चार करोड़ रुपए प्राप्त हो गए हैं। इस धनराशि से गश्त करने के लिए हट बनवाई गई है। इसके अलावा टाइगर सुरक्षा से संबंधित कई कार्य किए गए। मगर पर्यटकों की आमद को देखते हुए टाइगर रिजर्व जंगल में ठहरने का स्थान नहीं है। चूकाबीच, मुस्तफाबाद, बराही गेस्ट हाउस वीवीआईपी के लिए बुक रहते हैं। ये गेस्ट हाउस आम पर्यटकों के लिए दूर है। इसी वजह से जंगल घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए ठहरने की बेहतर व्यवस्था नहीं है। इस दिशा में पर्यटन विभाग ने अपनी दिलचस्पी नहीं दिखाई है। इस दिशा में पर्यटन विभाग को बढ़ चढ़कर काम करना चाहिए था। पहला पर्यटन सीजन सीमित संसाधनों में ही बीत गया। आने वाले नवंबर सीजन में टाइगर रिजर्व कितनी सुविधाएं दे पाएगा। यह तो समय ही बताएगा।

टाइगर रिजर्व से नहीं मिला कोई प्रस्ताव

बरेली-मुरादाबाद मंडल के पर्यटन विभाग के उप निदेशक प्रीति श्रीवास्तव पीलीभीत टाइगर रिजर्व में कोई काम नहीं कराया गया है। अभी तक टाइगर रिजर्व प्रशासन से किसी प्रकार के कार्य का प्रस्ताव नहीं प्राप्त हुआ है। इस संबंध में वन अफसरों से समय-समय पर मांग होती रही है। पर्यटन विभाग नए टूरिस्ट हट, टायलेट, पेयजल, इंटरप्रटेशन सेंटर समेत कई कार्यों के लिए बजट दे सकता है। बशर्ते टाइगर रिजर्व से प्रस्ताव प्राप्त हो।

 

 

 

As posted in Jagran.com

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