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पीलीभीत में मयूर वन चेतना केंद्र की गतिविधियां सुप्त

पीलीभीत में मयूर वन चेतना केंद्र की गतिविधियां सुप्त

Jul 17, 2015

पीलीभीत : पीलीभीत टाइगर रिजर्व का वन चेतना केंद्र देखरेख के अभाव में सालों से उपेक्षित पड़ा हुआ है। कई साल पहले बनवाई गई हट खराब होने लगी हैं, लेकिन टाइगर रिजर्व प्रशासन ने कोई ध्यान देना उचित नहीं समझा। टाइगर रिजर्व क्षेत्र में टूरिस्ट स्पॉट कम होने की वजह से चूकाबीच पर दबाव बढ़ रहा है, जो वन्यजीवों के लिए खतरे के लिए घंटी है। नौ जून 2014 को पीलीभीत टाइगर रिजर्व की घोषणा की गई थी। इसके बाद टाइगर रिजर्व क्षेत्र में नए नियम लागू कर दिए गए। माला रेंज के गढ़ा जंगल में आसाम रोड के किनारे आपरेशन ग्रीन के तहत वन चेतना केंद्र का निर्माण कराया गया था। वन चेतना केंद्र में हट, बच्चों के खेलने के लिए उपकरण, केंद्र के चारों ओर तार फैंसिंग आदि कार्य कराए गए थे। मगर वन चेतना केंद्र का रखरखाव न होने की वजह से जर्जर हालत में पहुंच गया है। टाइगर रिजर्व क्षेत्र में घूमने-फिरने के लिए टूरिस्ट स्पॉट न होने से पर्यटकों को परेशानी होती है। वर्तमान समय में सिर्फ चूकाबीच व वाइफरकेशन ही घूमने लायक है। अन्य स्पॉट न होने की वजह से चूकाबीच में पर्यटकों का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में वन चेतना केंद्र को विकसित करने की जरूरत है। अगर वन चेतना केंद्र का सौंदर्यीकरण कर विकसित कर दिया जाए, तो पर्यटकों को घूमने के लिए एक नया टूरिस्ट स्पॉट मिलेगा। टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश ने बताया कि अभी वन चेतना केंद्र को विकसित करने की कोई योजना नहीं है। फिलहाल सौंदर्यीकरण कराने के लिए प्रयास किए जाएंगे।

हाईवे किनारे है वन चेतना केंद्र

पीलीभीत टाइगर रिजर्व के माला जंगल के बीचोबीच पीलीभीत-बस्ती हाईवे गुजरता है। गढ़ा जंगल में हाईवे के किनारे वन चेतना केंद्र स्थित है, जहां पर पर्यटकों का पहुंचना काफी आसान है। इसलिए टाइगर रिजर्व को वन चेतना केंद्र के सुंदरीकरण के लिए सकारात्मक कदम उठाए जाने की जरूरत है।

 

 

As posted in Jagran.com

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