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सपा नेता के लोग पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के चूका में वनकर्मियों से भिड़े

सपा नेता के लोग पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के चूका में वनकर्मियों से भिड़े

Jun 11, 2015

चूका स्पॉट पर पौत्र का जन्मदिन मनाना सपा के जिला पंचायत सदस्य मोहम्मद मियां उर्फ छोटे को भारी पड़ा। मंगलवार की रात वहां बहस के बाद वनकर्मियों के साथ मारपीट की नौबत आ गई, जिसमें खुद मोहम्मद मियां समेत दोनों पक्षों से आठ लोग घायल हुए हैं। वनकर्मियों का आरोप है कि सपा नेता के लोगों की तरफ से फायरिंग भी हुई। घायल जिला पंचायत सदस्य एवं उनके बेटे का जिला अस्पताल में उपचार किया गया। वन विभाग की ओर से डिप्टी रेंजर मोबिन आरिफ और दूसरे पक्ष से जिला पंचायत सदस्य ने एक-दूसरे पर मारपीट और जानलेवा हमले की तहरीर पुलिस को दी हैं। पुलिस ने अभी किसी पक्ष की ओर से मुकदमा दर्ज नहीं किया है। पूरनपुर की ग्राम पंचायत शेरपुर कलां निवासी जिला पंचायत सदस्य मोहम्मद मियां का कहना है कि उन्होंने बराही गेस्ट हाउस और चूका स्पॉट में दो हट बुक कराए थे। वनकर्मियों का कहना है कि मंगलवार देर शाम वह सात वाहनों से करीब 50 लोगों के साथ चूका स्पॉट के गेट नंबर चार पर पहुंचे। यहां प्रवेश व वाहनों का शुल्क, चूका स्पॉट की कैंटीन का भुगतान न करने और जबरन दो अन्य कमरे खुलवाने को लेकर वनकर्मियों से कहासुनी हो गई।

आरोप है कि उन्होंने बदसलूकी भी की। करीब दो घंटे रुकने के बाद वह चूका स्पॉट से बराही गेस्ट हाउस पहुंचे। इधर, वनकर्मियों ने अभद्रता की सूचना अधिकारियों को दी। अधिकारी चूका स्पॉट से जानकारी करने के बाद बातचीत को बराही गेस्ट हाउस पहुंचे, जहां मामला बिगड़ गया। जिला पंचायत सदस्य का आरोप है कि वहां कुछ लोग शराब पी रहे थे, इसका विरोध करने पर उन्हें और उनके बेटे दानिश को पीटा गया।  बचाने आया भतीजा मोईन भी घायल हो गया। वहीं वनकर्मियों का कहना है कि सपा नेता ने अपनी दबंगई दिखाई और मारपीट शुरू कर दी। वन रक्षक रमेश भट्ट की वर्दी फाड़ दी गई और डराने के लिए फायरिंग भी की गई।

सत्ता की हनक और वनकर्मियों की नासमझी से हुआ टकराव

टाइगर रिजर्व बनने के बाद से ही यहां आम पयर्टकों से ज्यादा नेताओं और अधिकारियों का आना-जाना रहा है। छोटे नेता भी चूका स्पॉट पहुुंचने पर वीआईपी ट्रीटमेंट की उम्मीद करते हैं। ऐसा होता भी आया है। मंगलवार को यह नहीं हो सका, जिसके चलते मारपीट जैसी घटना हुई। करीब एक साल पहले नौ जून को ही टाइगर रिजर्व की घोषणा हुई थी। मंगलवार शाम पीलीभीत मुख्यालय पर अधिकारी इसकी खुशी मना रहे थे, दूसरी और चूका स्पॉट में जिला पंचायत सदस्य और वनकर्मियों के बीच झगड़ा हो रहा था। दरअसल चूका स्पॉट पहुंचने पर सत्ता पक्ष के लोग अक्सर प्रवेश, वाहन व अन्य शुल्क नहीं देते। मंगलवार को भी झगड़े की शुरूआत यहीं से हुई। सात गाड़ियों से लगभग 40 लोगों के साथ पहुंचे जिला पंचायत सदस्य ने भी न तो प्रवेश शुल्क दिया और न ही इंट्री दर्ज कराई। कमोवेश चूका स्पॉट के अंदर पहुंचने पर भी इसी को लेकर झगड़ा हुआ। सूत्रों के अनुसार उन्होंने यहां बने अरण्य कुटीर भवन को खाली कराने की मांग कि जिसमें इलाहाबाद से स्टैडिंग कमेटी के सदस्य ठहरे हुए हैं। भवन खाली न होने पर बात बिगड़ गई। पूरे मामले में वन विभाग का रवैया भी गैर जिम्मेदाराना रहा। वनकर्मियों से झगड़ा होने पर शिकायत पुलिस से की जानी चाहिए थी। पर एक ओर सत्ता की हनक और दूसरी और वन कर्मियों नासमझी ने मामला बिगड़ता चला गया।

किसने क्या कहा?

पीलीभीत टाइगर रिज़र्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश के मुताबिक जिला पंचायत सदस्य ने जबरन हट खुलवाने का प्रयास किया। यही नहीं प्रवेश एवं वाहन शुल्क जमा नहीं किया। इसको लेकर वनकर्मियों से अभद्रता भी की गई। अधिकारियों को जब उनसे वार्ता करने को भेजा गया तो उनसे भी वह झगड़ने लगे। घटना की तहरीर पुलिस को दी गई है। साथ विभागीय केस भी काटा गया है।

वहीं पीलीभीत के डीएम ओएन सिंह का कहना है कि ज़िला पंचायत सदस्य और वनकर्मियों में मारपीट की जानकारी मिली है। पुलिस को जांच के आदेश दिए गए हैं। जो भी दोषी होगा, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
सपा नेता जेके शाही के मुताबिक दोनों पक्षों की ओर से पुलिस को तहरीर दी गई है। एसओ प्रकरण की जांच कर रहे हैं। जांच के बाद रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। जो दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

 

 

As posted in Amarujala.com

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