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1.5 लाख करोड़ रुपए के हैं भारत के 6 टाइगर रिजर्व

1.5 लाख करोड़ रुपए के हैं भारत के 6 टाइगर रिजर्व

Jan 24, 2015

नई दिल्‍ली। अपनी तरह के पहले अध्‍ययन में देश में छह टाइगर रिजर्व का आर्थिक मूल्‍यांकन किया गया है, जिसमें उनका मूल्‍य एक लाख 49 हजार 900 करोड़ रुपए बताया गया है। अध्‍ययन में यह भी बताया गया है कि इन छह रिजर्व से सात हजार 970 करोड़ रुपए का वार्षिक आर्थिक लाभ हो रहा है। इस सर्वे में कॉर्बेट, कान्‍हा, काजीरंगा, पेरियार, रणथंबौर और सुंदरबन के टाइगर रिजर्व को शामिल किया गया था। देश में 47 टाइगर रिजर्व हैं, जो कुल भूमि का दो फीसद और वन भूमि का करीब 10 फीसद क्षेत्र कवर करते हैं। मंगलवार को जारी किए गए बाघों के ताजे आंकड़े बताते हैं कि दुनियाभर में बाघों की 70 फीसद आबादी यानी करीब दो हजार 226 बाघ भारत में रहते हैं।

Graphic Courtesy- Save Tiger

 

मूल्‍यांकन अध्‍ययन पर्यावरण मंत्रालय के नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी के लिए इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ फॉरेस्‍ट मैनेजमेंट (आईआईएफएम), भोपाल की ओर से किया गया था। अध्‍ययन से पता चला कि यूनिट एरिया के संदर्भ में प्रति हेक्‍टेयर प्रति वर्ष 50 हजार से एक लाख 90 हजार रुपए का लाभ हुआ। यानी चुनिंदा टाइगर रिजर्व से 830 करोड़ से लेकर 1760 करोड़ रुपए का लाभ हुआ। रिपोर्ट में बताया गया है कि पेरियार टाइगर रिजर्व में सबसे ज्‍यादा वार्षिक लाभ 1760 करोड़ रुपए हुआ इसके बाद कान्‍हा में 1650 करोड़ रुपए और फिर कॉर्बेट में 1470 करोड़ रुपए का लाभ हुआ।

 

 

As posted in Naidunia.jagran.com

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