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पीलीभीत टाइगर रिजर्व से सटी माला कॉलोनी में तेंदुए का आतंक

पीलीभीत टाइगर रिजर्व से सटी माला कॉलोनी में तेंदुए का आतंक

Jun 27, 2015

पीलीभीत: पीलीभीत टाइगर रिजर्व से सटी माला कालोनी के एक मकान में तेंदुआ घुस गया। जिसके बाद कमरे में आराम कर रही वृद्ध महिला को घायल कर दिया। चीखपुकार सुनकर पहुंचे परिवार वालों ने महिला को बचाकर तेंदुए को कमरे में बंद कर दिया। इसकी सूचना वन विभाग के अफसरों को सूचना दी गई। इस पर एसपी,एडीएम, डीएफओ पूरी टीम के साथ गांव पहुंचे। ग्रामीणों के विरोध को शांत कराने के बाद वन विभाग की टीम ने पांच घंटे में ऑपरेशन तेंदुआ चलाकर उसे पिंजरे में कैद कर लिया। इस दौरान पिंजरे में बंद कर तेंदुए को ले जाते वक्त डीएफओ कैलाष प्रकाश भी मामूली रूप से घायल हो गए। शनिवार को जंगल से सटी माला कालोनी के निवासी किसान समीर पोददार के घर तेंदुआ घुस आया। समीर घरेलू काम से पीलीभीत गया हुआ था। घर पर उसकी मां प्रियाबाला कमरे में आराम कर रहीं थीं एवं पत्नी अंजलि व दोनों पुत्र शिवम, अरिंदम घरेलू कामकाज में व्यस्त थे। सुबह करीब दस बजे के पिछले दरवाजे से तेंदुआ घर के अंदर आ घुसा और कमरे में आराम कर रही प्रियाबाला पर झपट्टा मारकर घायल कर दिया। तेंदुए के हमले में घायल होने के बाद पीडि़त महिला चीखती हुई बाहर निकली। जिसके बाद शिवम ने दादी के कमरे से बाहर निकलते ही अंदर घुसे तेंदुए को कमरे में बंद कर दिया। धनी बस्ती में तेंदुए की दस्तक की भनक लगते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। इसकी सूचना वनविभाग के कर्मचारियों एवं गजरौला पुलिस को दी गई। इस पर एसपी जितेंद्र कुमार शाही, एडीएम अजयकांत सैनी, डीएफओ कैैलाश प्रकाश वनविभाग एवं डबलयूडबलयूएफ की टीम के साथ गांव पहुंच गए। हालात का जायजा लेने के बाद तेंदुए को बाहर निकालने के लिए कमरे के बाहर पिंजरा लगाने की तैयारी की जा रही थी कि ग्रामीणों ने विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने जंगल की बाउड्री कराने एवं सब्सिडी पर रसोइ गैस की मांग शुरू कर दी। लिखित में सुरक्षा एवं संसाधनों का आश्वासन मिलने के बाद ही तेंदुए को बाहर निकालने की जिद पर अड़ गए। इसकी जानकारी मिलने पर बरखेडा विधायक हेमराज वर्मा और पूरनपुर विधायक पीतमराम भी गांव पहुंच गए। विधायकों की मौजूदगी में अफसरों और ग्रामीणों के बीच लगभग एक घंटे तक वार्तालाप हुआ। अफसरों के लिखित आश्वासन देने के बाद ही तेंदुए को निकालने के लिए वन विभाग ने ऑपरेशन शुरु किया। इस दौरान ग्रामीणों को मौके से हटाने के लिए पुलिस और वन विभाग की टीम को कडी मशक्कत करनी पडी। लगभग एक घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद तेंदुए को बाहर निकालने में वन विभाग के कर्मचारियों को सफलता मिल सकी। इस दौरान पिंजरे के करीब से निकल रहे पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश पर तेंदुए ने झपटटा मारा। जिससे उनकी शर्ट फट गई और मामूली रूप से डीएफओ घायल भी हो गए। तेंदुए को पिंजरे में बंद करके ट्रेक्टर ट्राली में पिंजरा रखकर माला रेंज कार्यालय ले जाया गया।
– तेंदुए के हमले में डीएफओ और महिला मामूली रूप से घायल
– ग्रामीणों ने महिला को बचाकर तेंदुए को कमरे में किया बंद
– वनविभाग की टीम ने पांच घंटे बाद पिंजरे में किया कैद
– सुरक्षा एवं संसाधनों की मांग पर अफसरों से उलझते रहे ग्रामीण
– एडीएम, एसपी, बरखेड़ा व पूरनपुर विधायक ने कराया शांत

पिंजरे में बंद तेंदुआ

पैर से चोटिल था तेंदुआ

वन विभाग की टीम द्वारा घर से पकडा गया तेंदुआ आगे के एक पैर से चाटिल था। उसके पैर में जख्म था और उससे खून भी बह रहा था। वन विभाग के कर्मचारियों के मुताबिक तेंदुए की उम्र लगभग एक से डेढ साल के बीच है। डीएफओ कैलाश प्रकाश के मुताबिक जख्मी तेंदुए को उपचार के लिए लखनऊ स्थित चिडियाघर में भेजा जाएगा।

ग्रामीणों से जानकारी करते एसपी

एक दिन पहले भी गांव में घुसा था तेंदुआ
ग्रामीणों के मुताबिक उक्त तेंदुआ एक दिन पूर्व भी गांव में आया था। उस वक्त तेंदुआ प्रहलाद पोददार के घर में जा घुसा था। घर में पल रही मुर्गियां एवं बकरियों को निशाना बनाया था। इसकी सूचना भी वन विभाग के अफसरों को दी गई थी लेकिन किसी भी अफसर ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इसको लेकर भी ग्रामीणों में खासा आक्रोश था।

घर के बाहर लगी भीड़

शिकार में असमर्थ होने पर आबादी में घुसा था तेंदुआ
वन विभाग के अफसरों की मानें तो तेंदुआ बेहद शांत प्रजाति का पशु माना जाता है। वह अक्सर जंगल में ही अपना शिकार छोटे जानवरों को बनाता है। खासकर जंगल में विचरित करने वाले जानवरों की बजाए आराम कर रहे जानवरों को अपना निशाना बनाता है। चूंकि पकडा गया तेंदुआ पैर से जख्मी था। इस कारण उसको जंगल में शिकार करने में दिक्कत आ रही होगी। इसीलिए यह तेंदुआ बार बार आबादी में घुसकर शिकार कर रहा था।

पिंजरा खींचते वनकर्मी

दो साल पहले भालू ने मचाया था आतंक
जंगल से सटी माला कालोनी में दो साल बाद जंगली जानवरों की दस्तक सामने आई है। इससे पहले वर्ष 2013 में एक भालू गांव में घुसकर हमलावर हुआ था। जिसको वनविभाग की टीम ने पकड़कर जंगल में छुड़वाया। इसके बाद से लंबे समय तक जानवर नहीं आए।
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घायल महिला प्रियाबाला

पांच घंटे बाद काबू में आया तेंदुआ
पीलीभीत टाइगर रिजर्व के डीएफओ कैलाश प्रकाश ने बताया कि माला कालोनी में तेंदुआ घुसने की सूचना मिलते ही टीम को मौके पर भेज दिया गया था। मैं खुद भी मौके पर गया था। तेंदुओं को कमरे से बाहर निकाल लिया गया है। घायल होने के कारण तेंदुए को इलाज के लिए लखनऊ भेजा जाएगा।

-मुख्य संवाददाता वैभव शुक्ला की रिपोर्ट
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