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पीलीभीत में आतंक मचाने वाले घायल तेंदुए की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत

पीलीभीत में आतंक मचाने वाले घायल तेंदुए की लखनऊ में इलाज के दौरान मौत

Jul 1, 2015

पीलीभीत। पीलीभीत टाइगर रिजर्व से सटी माला कालोनी में किसान के घर में घुसने के बाद पकड़े गए घायल तेंदुए की इलाज के दौरान लखनऊ में मौत हो गई। सोमवार शाम को पहले मूवमेंट बंद हुआ, जिसके बाद मंगलवार दोपहर को तेंदुए ने दम तोड़ दिया। चिकित्सकों के अनुसार तेंदुए के पंजे में संक्रमण से हुए गैगरीन का असर पूरे शरीर पर हुआ था। साथ ही कई दिनों से कुछ खाया भी नहीं था। तेंदुए की मौत की खबर मिलने के बाद वनविभाग को झटका लगा है। बता दें कि 27 जून को पीलीभीत टाइगर रिजर्व की माला रेंज से सटी माला कालोनी में किसान समीर पोद्दार के घर एक तेंदुआ घुस आया था। इसके हमले में डीएफओ कैलाश प्रकाश और किसान की मां प्रियाबाला पोददार घायल हुई थी। ग्रामीणों द्वारा तेंदुओं को कमरे में बंद करने की सूचना पर पहुंची वनविभाग की टीम ने पांच घंटे की मशक्कत के बाद उसको पिंजरे में किया। पकड़ा गया तेंदुआ घायल था, इसके पंजे और गर्दन में चोट मिलीं थी।

-माला कॉलोनी में पकड़ा गया घायल तेंदुआ

– दो दिन चलता रहा इलाज, पर नहीं बच सकी जान
– चिकित्सकों के अनुसार पंजे में हुए संक्रमण का पूरे शरीर पर था असर
– गत दिवस माला कालोनी में किसान के घर घुसने के बाद आया था पकड़ में, चोटिल होने पर भेजा गया था लखनऊ जू

जिस कारण इसे लखनऊ इलाज के लिए भेज दिया गया। जहां चिडि़याघर स्थित राज्य स्तरीय वन्यजीव चिकित्सालय में उसको भर्ती कराया गया। दो दिन के इलाज के दौरान उसका आपरेशन किया गया, पर हालत में सुधार नहीं आ सका। सोमवार शाम से घायल तेंदुए की हालत बिगड़ना शुरू हो गई। जिसके बाद दूसरे दिन मंगलवार दोपहर करीब दो बजे उसकी मौत हो गई। बताते है कि पंद्रह-सोलह साल के इस तेंदुए के गर्दन में घाव और पंजे में संक्रमण के चलते ब्लीडिंग बंद नहीं हो रही थी। इसके अलावा चिकित्सकीय जांच में शरीर में कुछ गंभीर अंदरूनी चोटें भी पाई गई। चिडि़याघर के निदेषक अनुपम गुप्ता के अनुसार आपरेशन के बाद तेंदुए के खराब हो चुके हिस्से को भी निकाला जा चुका था, पर उसको बचाया नहीं जा सका है। इधर तेंदुए के पंजे में आई चोट ट्रेन की चपेट में आने से लगना बताया जा रहा है। डीएफओ पीलीभीत टाइगर रिजर्व कैलाश प्रकाश ने बताया कि घायल तेंदुए को इलाज पूरा होने के बाद चिडि़याघर लखनऊ में रखने का फैसला लिया गया था, पर उसकी मौत होना वनविभाग के लिए बेहद दुखद है।

 

 

 

-मुख्य संवाददाता वैभव शुक्ला की रिपोर्ट

 

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