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पीलीभीत टाइगर रिज़र्व की हरदोई ब्रांच नहर में अधिकारी तलाशते रहे सबूत

पीलीभीत टाइगर रिज़र्व की हरदोई ब्रांच नहर में अधिकारी तलाशते रहे सबूत

Apr 27, 2015

पीलीभीत : रुहेलखंड जोन के मुख्य वन संरक्षक व इंचार्ज वन संरक्षक ने पीलीभीत टाइगर रिजर्व के जंगल का भ्रमण कर घटना स्थल का निरीक्षण किया। फील्ड स्टाफ को उत्तराखंड बार्डर तक गश्त करने के सख्त निर्देश दिए गए। वहीं इंचार्ज वन संरक्षक ने हरदोई ब्रांच नहर की तलहटी का बारीकी से निरीक्षण किया। 23 अप्रैल को बराही रेंज की हरदोई ब्रांच नहर में पांच साल के जवान बाघ का शव बरामद किया गया था। शव मिलने के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया। बाघ मामले में ही कई शिकारियों को जेल भेजा जा चुका है। कुछ शिकारी जमानत पर बाहर घूम रहे हैं। रविवार को रुहेलखंड जोन के मुख्य वन संरक्षक एमपी ¨सह ने दूसरे दिन डीएफओ कैलाश प्रकाश के साथ जंगल में घटनास्थल समेत कई स्थानों का निरीक्षण किया, लेकिन किसी स्थान पर कोई संदेहजनक चीज नहीं पाई गई। घटनास्थल के आसपास काफी बारीकी से जांच पड़ताल की गई। वहीं बरेली वृत्त के इंचार्ज कंजरवेटर आफ फारेस्ट (सीएफ) धर्म ¨सह ने टाइगर रिजर्व जंगल पहुंचकर जांच पड़ताल शुरू की। इंचार्ज चीफ ने घटनास्थल देखने के बाद हरदोई ब्रांच नहर की तलहटी में काफी दूर तक निरीक्षण किया। नहर में बह रहे पानी को भी देखा गया। उन्होंने बताया कि जंगल के फील्ड स्टाफ को उत्तराखंड की सीमा तक गश्त करने के कड़े निर्देश दिए गए है। ताकि कहीं कोई वन्यजीव पड़ा होगा, तो मिल सकेगा। इस दौरान सामाजिक वानिकी प्रभाग के प्रभागीय निदेशक आदर्श कुमार समेत कई अफसर थे।

 

शिकारियों पर रखी जा रही नजर

पीलीभीत टाइगर रिजर्व के प्रभागीय वनाधिकारी कैलाश प्रकाश ने बताया कि बाघ हत्या के बाद जंगल में एलर्ट घोषित है। जमानत पर सात शिकारी छूटकर स्वच्छंद घूम रहे हैं। इन पर कड़ी निगाह रखी जा रही है। इन शिकारियों पर जल्द ही गैंगेस्टर की कार्रवाई की जाएगी। अभी जंगल में कहीं कुछ नहीं मिला है। फिर भी जंगल के अलग अलग स्थानों पर गश्त कराई जा रही है।

एनटीसीए से नहीं आई कोई टीम

पीलीभीत टाइगर रिजर्व की बराही रेंज में 23 अप्रैल को बाघ के शव मिलने के बाद देशभर में हड़कंप मच गया। घटना को चार दिन बीते चुके हैं, लेकिन नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथारिटी आफ इंडिया की ओर से कोई टीम जांच के लिए नहीं आई है। वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो संस्था ने भी कोई सुध नहीं ली है। संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में केंद्र व राज्य सरकारों की उच्चस्तरीय टीम आ सकती हैं।

 

 

 

As posted in Jagran.com

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