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पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में बाघों का कुनबा बढ़ने के संकेत

पीलीभीत टाइगर रिज़र्व में बाघों का कुनबा बढ़ने के संकेत

May 31, 2015

पीलीभीत : तराई के पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघों का कुनबा बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। आने वाले समय में जंगल में बाघों की मौजूदगी देखने को मिलेगी। इस समय माला व दियोरिया कलां जंगल में नए शावकों के दर्शन हो रहे हैं, जो एक शुभ संकेत के रूप में माना जा रहा है। बाघ गणना के बाद ही परिणाम मालूम हो सकेंगे। जनपद का जंगल उत्तराखंड और नेपाल देश की सीमाओं से लगा हुआ है। इस वजह से सीमा क्षेत्र में हर समय संवेदनशील स्थिति बनी रहती है। सीमा क्षेत्र पर एसएसबी, वन विभाग, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान समय-समय पर चलाया जाता है। इसके बावजूद शिकारी अपनी हरकतों से बाज नहीं आते हैं। नेपाल के कंचनपुर में पकड़े गए गभिया सहराई निवासी दुलाल मंडल ने कई बाघों की हत्या करना स्वीकार किया था। पिछली 23 अप्रैल को बराही रेंज की हरदोई ब्रांच नहर से पांच साल के बाघ का शव बरामद किया गया था। इस तरह एक साल में आधा दर्जन से अधिक बाघ मर चुके हैं।

पिछले साल की गणना रिपोर्ट चौकाने वाली है। जंगल में बाघों की संख्या 40 से घटकर 28 पर सिमट गई। बराही, हरीपुर व महोफ आंशिक में बाघ गणना का कार्य समाप्त हो चुका है। अब माला, महोफ संपूर्ण व दियोरिया कलां में बाघों की गिनती लेजर कैमरों से की जा रही है। टाइगर रिजर्व के लिए खुशी की बात यह है कि माला व दियोरिया कलां रेंज में कई शावक विचरण कर रहे हैं, जो संख्या बढ़ाने में सहायक साबित होंगे। इन शावकों की खास सुरक्षा की जा रही है। ऐसे में आने वाले समय में बाघों के कुनबे में बढ़ोत्तरी होने की संभावना जताई जा रही है। वन अफसरों के मुताबिक, बाघों की गिनती कराई जा रही है। कुछ नए शावक देखे गए हैं, जिनकी सुरक्षा की जा रही है। बाघों की सही गिनती गणना के बाद ही पता चल सकेगी।

 

 

 

As posted in Jagran.com

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